मंडी की बल्हघाटी में तेंदुए का खूनी तांडव
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः देवभूमि के मंडी जिले में स्थित शांत बल्हघाटी बुधवार सुबह एक भीषण त्रासदी और दहशत की गवाह बनी। यहाँ एक आदमखोर तेंदुए ने कहर बरपाते हुए एक प्रवासी युवक को मौत के घाट उतार दिया, जबकि पांच अन्य ग्रामीणों को लहूलुहान कर दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेंदुए का आतंक सुबह-सुबह शुरू हुआ जब अधिकांश लोग अपने दैनिक कार्यों की शुरुआत कर रहे थे। आदमखोर ने एक के बाद एक तीन गांवों—चंडयाल, भडयाल और मलवाणा में सिलसिलेवार हमले किए। सबसे पहले उसने चंडयाल गांव में दस्तक दी और वहां मौजूद लोगों पर झपट्टा मारा। इसके बाद वह भडयाल पहुंचा, जहाँ उसने चार लोगों को बुरी तरह घायल कर दिया। अंत में, मलवाणा गांव में तेंदुए ने 40 वर्षीय बलवीर सिंह पर जानलेवा हमला किया। बलवीर, जो मूल रूप से प्रवासी थे और मंडी में रहकर अपने रिश्तेदारों से मिलने आए थे, इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए और उन्होंने दम तोड़ दिया।
हमलों की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर सड़कों पर उतर आए। चारों ओर चीख-पुकार और दहशत का माहौल था। जब तेंदुए ने दोबारा ग्रामीणों की भीड़ पर हमला करने की कोशिश की, तो आत्मरक्षा में जुटे आक्रोशित लोगों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और मौके पर ही मार गिराया। वन विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही तेंदुए का अंत हो चुका था।
घटना के बाद स्थानीय विधायक इंद्र सिंह गांधी ने मौके का दौरा किया और प्रशासन के साथ-साथ नेरचौक मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि घायलों को समय पर उचित उपचार मिलने में कठिनाई हुई। उधर, एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन की ओर से मृतक के परिवार को फौरी राहत राशि प्रदान की जा रही है और सभी पांच घायलों का उपचार श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। डीसीएफ मंडी वासु डोगर ने कहा कि विभाग पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है कि तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में कैसे दाखिल हुआ।