Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
फ्रांस में डूबने से चालीस लोगों की मौत मौत के चार माह बाद होगा ईरान के शीर्ष नेता का अंतिम संस्कार केन्या में अभियुक्तों पर हत्या का मुकदमा फ्रांस के बाद अब अचानक जर्मनी की रेल सेवा बाधित Char Dham Yatra News: गंगोत्री और केदारनाथ अब होंगे एक-दूसरे के करीब; 100 किमी लंबी नई सड़क का ब्लूप्... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर एनकाउंटर मामले में नया मोड़; एसपी पहुंचे मृतक के घर, परिवार ने की CBI... Tragic Incident in Gumla: मानसिक बीमारी से परेशान मां ने बच्चों के साथ कुएं में लगाई छलांग? जांच में... Delhi Crime News: छतरपुर में 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण और हत्या; कैब ड्राइवर बाशु कुमार गिरफ्तार Jaipur Metro Phase-2: प्रधानमंत्री मोदी 4 जुलाई को करेंगे शिलान्यास; 13 हजार करोड़ की सौगात Yamuna Bazar Encroachment: दिल्ली के यमुना बाजार में चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध निर्माण पर बड़ी कार...

पक्षियों की पाठशाला, इंदौर के एग्जॉटिक बर्ड सेंक्चुरी में दिखेगी दुनिया के हर महाद्वीप की चिड़ियां

इंदौर: अफ्रीका और अमेरिकी महाद्वीप के दुर्लभ पक्षियों को भारत में कैसे सहेज कर विकसित किया जा सकता है, इसकी ट्रेनिंग अब इंदौर में दी जाएगी. यहां कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में कुछ साल पहले जो एग्जॉटिक पक्षी विहार (बर्ड आइवरी) तैयार की गई थी उसकी सफलता के चर्चे अब देश और विदेश में हो रहे हैं.

बेंगलुरु लाइव साइंस एजुकेशन ट्रस्ट की टीम इंदौर पहुंची

बेंगलुरु के लाइव साइंस एजुकेशन ट्रस्ट के सात सदस्यों का एक विशेष दल इंदौर चिड़ियाघर पहुंचा है, जो अन्य महाद्वीप के दुर्लभ पशु-पक्षियों की देखरेख, बदलते मौसम में उनके खानपान की तकनीक और प्रबंधन व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन कर रहा है. विशेष दल के बीच एक्सोटिक बर्ड पार्क आकर्षण और उत्सुकता का केंद्र बना हुआ है.

बर्ड पार्क बना आकर्षण और उत्सुकता का केंद्र

चिड़ियाघर प्रबंधन द्वारा साइंस एजुकेशन ट्रस्ट के दल को जू मैनेजमेंट और एग्जॉटिक स्पीशीज के बारे में जानकारी प्रदान की. साथ ही उन्हें बताया कि कैसे शहर की जलवायु, बढ़ते तापमान और मौसम के हिसाब से पक्षियों और जानवरों के भोजन, शेड्यूल, पानी, दवा और हाइजीन का ध्यान रखा जाता है. इसके अलावा ये भी बताया कि इंदौर में गर्मी-सर्दी और बदलते मौसम में वाइल्डलाइफ का कैसे मैनेजमेंट किया जाता है एवं पक्षियों का कैसा ध्यान रखा जाता है.

एक महाद्वीप में सभी देशों की विशेष पक्षी

हालांकि, चिड़ियाघर प्रशासन को सबसे अधिक सराहना इंदौर के एक्सोटिक एनिमल बर्ड पार्क के लिए मिली, जो पूरे देश में अनोखा है. यहां चार अलग-अलग महाद्वीप है, इस महाद्वीप में उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के देश के विशेष पक्षी एक ही वातावरण में रहते हैं. बेंगलुरु की टीम ने जाना कि इतनी विविध प्रजातियों को एक ही जगह पर कैसे सफलतापूर्वक मैनेज किया जाता है, उनके तापमान, भोजन, उड़ान क्षेत्र और व्यवहार के अनुसार किस तरह अलग-अलग प्रोटोकॉल लागू होते हैं.

इंदौर की टीम को बेंगलुरु की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण

चिड़ियाघर के क्यूरेटर निहार परुलेकर बताते हैं कि “बेंगलुरु की लाइफ साइंस एजुकेशन ट्रस्ट से इंदौर चिड़ियाघर का एक एमओयू साइन हुआ था. जिसमें वहां का दल यहां वाइल्डलाइफ और चिड़ियागर का अध्ययन करने आया है. इसके अलावा बेंगलुरु का यह केंद्र वाइल्ड लाइफ मैनेजमेंट और एग्जॉटिक एनिमल केयर में स्पेशलिटी रखता है. इसलिए इंदौर की टीम भी अब जल्द ही बेंगलुरु जाकर वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी और उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण लेगी.इस तरह दोनों संस्थान आपसी अनुभव साझा कर जू मैनेजमेंट को और अधिक कुशल और कारगर बनाने में परस्पर सहयोग करेंगे. इंदौर के एक्सोटिक एनिमल बर्ड पार्क ट्रस्ट के सदस्यों ने भी इस दौरे का स्वागत किया और पूरे प्रबंधन और स्टाफ की जमकर तारीफ की.