Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
EVM में टोटलाइजर से क्यों नहीं हो सकती वोटों की गिनती?: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से मां... किशनगंज: खकवा नदी के तेज बहाव में तैरकर जनाजा ले जाने की मजबूरी, ग्रामीणों ने डीएम और बिहार सरकार से... शिवपुरी में रहस्यमयी बीमारी का कहर: 10 दिनों में एक ही परिवार के 4 बच्चों की मौत, डेंगू-मलेरिया निगे... भारतीय मुसलमानों के अधिकारों के लिए 51 सदस्यीय राष्ट्रीय निगरानी समिति का गठन: नई दिल्ली में ऐलान अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान: श्रेयस अय्यर बने कप्तान, युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी... 'सैयारा' फेम अनीत पड्डा की नई सीरीज 'हुंकार: द रोर' का टीजर रिलीज: जानें कहानी, स्टार कास्ट और OTT र... नेपाल में 180 km/h की रफ्तार से आई 'हिमालयी सुनामी': रसुवा-धाडिंग में भारी तबाही, सुरंगों में बचाव क... LIC के दो नए धमाकेदार प्लान: गारंटीड सेविंग्स के साथ मिलेगा प्योर लाइफ कवर, 7 सितंबर से शुरू होगी बि... UPI का नया रिकॉर्ड: अगस्त में ₹29.82 लाख करोड़ का लेनदेन, कुल 2,451 करोड़ ट्रांजेक्शन दर्ज; NPCI ने ... श्रीकृष्ण के सबसे प्रिय भोग माखन-मिश्री और पंचामृत की विधि; जानें मलाई से शुद्ध माखन बनाने का आसान न...

केन्या में अभियुक्तों पर हत्या का मुकदमा

छात्रावास में अग्निकांड से जलकर मर गयी थी सोलह छात्राएं

एजेंसियां

नौरोबीः  केन्याई अधिकारियों ने मई महीने में एक माध्यमिक विद्यालय में हुए भयावह छात्रावास अग्निकांड के मामले में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की कि अभियोजक उन छात्रों के खिलाफ हत्या का औपचारिक आरोप तैयार कर रहे हैं, जिन पर इस आग को जानबूझकर लगाने का संदेह है। 28 मई को मध्य केन्या के उत्तुमिषी गर्ल्स स्कूल के छात्रावास में लगी इस आग ने 202 छात्राओं के आवास को अपनी चपेट में ले लिया था, जिसमें 16 छात्राओं की दुखद मृत्यु हो गई थी।

जांच में सामने आया है कि आग छात्रावास के एक निकास द्वार के पास रखे गद्दों में लगाई गई थी। घटना के समय स्थिति और भी गंभीर हो गई क्योंकि स्कूल की मेट्रन आपातकालीन निकास द्वार खोलने में विफल रही, जिसके कारण छात्राओं को एकमात्र संकरे दरवाजे से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पुलिस ने इस मामले में नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें फिलहाल 21 दिनों की हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है। केन्या के लोक अभियोजक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इन सभी के खिलाफ अदालत में औपचारिक रूप से हत्या के आरोप तय किए जाएंगे।

इस दुखद घटना ने पूरे केन्या में स्कूल सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा मंत्रालय ने लापरवाही बरतने के आरोप में उत्तुमिषी गर्ल्स स्कूल की प्रधानाध्यापिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मंत्रालय का मानना है कि स्कूल प्रशासन अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने में पूरी तरह विफल रहा। गौरतलब है कि केन्या रेड क्रॉस ने रिपोर्ट दी है कि वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक देश भर में 37 स्कूल अग्नि घटनाएं हो चुकी हैं, जो चिंता का विषय है।

केन्या के स्कूलों में आग लगना एक बड़ी समस्या बनी हुई है। भीड़भाड़ वाले छात्रावास, अग्नि शमन उपकरणों का अभाव और दोषपूर्ण विद्युत कनेक्शन अक्सर इन त्रासदियों के मुख्य कारण बनते हैं। वर्ष 2024 में भी एक ऐसी ही घटना में 21 छात्रों की जान गई थी, जिसके बाद सरकार ने 300 से अधिक स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया था। हालांकि, केन्याई इतिहास का सबसे भीषण अग्निकांड वर्ष 2001 में माचाकोस काउंटी में हुआ था, जिसमें 67 छात्र मारे गए थे। वर्तमान में हो रही कड़ी कानूनी कार्रवाई का उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और शिक्षण संस्थानों में जवाबदेही सुनिश्चित करना है।