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फ्रांस के बाद अब अचानक जर्मनी की रेल सेवा बाधित

तकनीकी खराबी से पूरे देश में संचालन बंद

एजेंसियां

बर्लिनः जर्मनी की संपूर्ण रेलवे नेटवर्क सेवा मंगलवार देर रात एक बड़ी तकनीकी बाधा के कारण ठप हो गई, जिससे देशभर में हजारों यात्री अपने गंतव्य तक जाने के लिए फंस गए। रेलवे ऑपरेटर ड्यूश बान ने बताया कि देशव्यापी डिजिटल संचार प्रणाली जीएसएम-आर में खराबी आने के कारण यह आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हुई। यह प्रणाली रेलवे नेटवर्क पर आंतरिक संचार के लिए उपयोग की जाती है, जिसके बिना ट्रेन ड्राइवरों और नियंत्रण केंद्रों के बीच तालमेल बैठाना असंभव हो जाता है।

अंधेरी रात और यात्रियों की परेशानी घटना की सूचना मिलते ही स्टेशनों पर हड़कंप मच गया। ट्रेनों को बीच रास्ते में या स्टेशनों पर ही रोक दिया गया, जिससे यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। बर्लिन के केंद्रीय स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने साझा किया कि उन्हें स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी।

एक यात्री ने बताया कि ट्रेन कंडक्टर भी अनिश्चितता की स्थिति में थे। रेलवे ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए टैक्सी और होटल के वाउचर उपलब्ध कराने का प्रयास किया, साथ ही स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों को यात्रियों के बैठने के लिए खोलने का विकल्प भी दिया गया। घटना के करीब ढाई घंटे बाद, रात 1:00 बजे के आसपास कंपनी ने घोषणा की कि समस्या को सुलझा लिया गया है और धीरे-धीरे सेवाओं को बहाल किया जा रहा है।

सिस्टम की विफलता और रेलवे की चुनौतियां ड्यूश बान की सीईओ एवलिन पाला ने बताया कि उन्होंने एक आपातकालीन प्रणाली के माध्यम से स्थिति को स्थिर किया है, हालांकि खराबी के सटीक कारणों का अभी खुलासा नहीं किया गया है। जीएसएम-आर यूरोप भर में रेलवे के संचालन के लिए एक मानक है, जो डेटा और वॉयस सेवाएं प्रदान करता है।

जर्मनी में हाल के वर्षों में ट्रेनों के विलंब और बाधाओं की शिकायतें आम हो गई हैं। वर्षों के कम निवेश के बाद, सरकार ने प्रमुख मार्गों के आधुनिकीकरण का काम शुरू किया है, जो स्वयं भी काफी व्यवधानपूर्ण साबित हो रहा है। आमतौर पर जर्मनी में ट्रेनों का संचालन मौसम की मार के कारण प्रभावित होता है, लेकिन पूरी तरह से तकनीकी खराबी के चलते ट्रेनों का रुकना एक दुर्लभ और गंभीर घटना है, जिसने एक बार फिर बुनियादी ढांचे की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।