अयातुल्ला अली खामेनेई 9 जुलाई को दफन होंगे
-
युद्ध की वजह से कार्यक्रम टलता रहा
-
उपराष्ट्रपति ने इसका एलान कर दिया
-
पवित्र तीर्थस्थल के पास दफनाया जाएगा
राष्ट्रीय खबर
तेहरानः ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, जिनकी मृत्यु फरवरी के अंत में एक इजरायली हवाई हमले में हुई थी, के अंतिम संस्कार की तिथि की घोषणा कर दी गई है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, देश के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने मंगलवार को आधिकारिक रूप से पुष्टि की कि खामेनेई को 9 जुलाई को उनके जन्मस्थान, उत्तर-पूर्वी ईरान के मशहद शहर में दफनाया जाएगा। उन्हें इमाम रजा के पवित्र तीर्थस्थल के समीप अंतिम विश्राम दिया जाएगा, जो शिया मुसलमानों के लिए अत्यधिक महत्व रखता है।
अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को तेहरान स्थित उनके आधिकारिक आवास पर हुई थी, जब वे इजरायली और अमेरिकी हमलों की पहली लहर का शिकार हुए थे। उस समय उनकी आयु 86 वर्ष थी। उनकी मृत्यु के उपरांत, उनके अंतिम संस्कार की योजना कई बार सुरक्षा कारणों से स्थगित की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि इस आयोजन में देश का पूरा राजनीतिक नेतृत्व शामिल होगा, जिसके कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
उपराष्ट्रपति आरिफ ने जानकारी दी है कि दफनाने से पहले तेहरान और शिया तीर्थस्थल के प्रमुख शहर कोम में शोक सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने तेहरान, कोम और मशहद में कुल पांच दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
खामेनेई की मृत्यु के एक सप्ताह बाद ही उनके 56 वर्षीय पुत्र, मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त कर दिया गया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि क्या मुज्तबा, जो स्वयं उस घातक हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, अपने पिता के अंतिम संस्कार में उपस्थित हो पाएंगे। उनकी अनुपस्थिति के कारण जनता और राजनीतिक हलकों में उनके स्वास्थ्य और जीवित होने को लेकर भी अटकलें तेज हैं। पिछले कुछ महीनों से मुज्तबा सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं, जिससे उनकी स्थिति को लेकर संशय बरकरार है। यह अंतिम संस्कार न केवल एक नेता की विदाई है, बल्कि ईरान की वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता और शक्ति परिवर्तन का भी एक महत्वपूर्ण बिंदु साबित होगा।