पूर्व अधिकारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगायी
न्यायिक अतिरेक का हवाला दिया गया
अभियोजन स्वीकृति के बाद याचिका दायर
दो अलग अलग याचिकाएं दायर की गयी है
राष्ट्रीय खबर
तिरुअनंतपुरमः बहुचर्चित केरल राज्य काजू विकास निगम घोटाले के मामले में एक नया मोड़ आया है। निगम को करोड़ों रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाने और भ्रष्टाचार के आरोपी दो पूर्व अधिकारियों ने एकल पीठ के विभिन्न अंतरिम आदेशों को चुनौती देते हुए केरल उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की हैं। इन अधिकारियों ने अदालत की कार्रवाई को न्यायिक अतिरेक करार दिया है।
पूर्व प्रबंध निदेशक के.ए. रतीश और पूर्व काजू निगम अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने अपने ऊपर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के बाद ये अपीलें दायर की हैं। दरअसल, राज्य सरकार द्वारा बार-बार मंजूरी देने से इनकार करने के बाद शुरू की गई एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने ये अंतरिम आदेश पारित किए थे।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि एकल पीठ ने सरकार के उस फैसले को स्वीकार करने से इनकार कर दिया जिसमें अभियोजन की मंजूरी न देने की बात कही गई थी और इसके बजाय स्वयं उसकी वैधता की जांच शुरू कर दी। अपीलकर्ताओं का तर्क है कि एकल पीठ ने मंजूरी देने वाले प्राधिकारी पर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने का दबाव बनाया, जिससे उनके कानूनी अधिकारों का हनन हुआ है।
चुनौती दिए गए आदेशों में से एक 17 जुलाई को पारित किया गया था, जिसमें एकल पीठ ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने वाले राज्य के आदेश पर संतोष जताया था और सीबीआई को दो सप्ताह के भीतर मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।
केरल उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने उद्योग सचिव मोहम्मद हनीश और वन एवं काजू विभाग के सचिव के. बीजू के खिलाफ अवमानना याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग अवसरों पर अदालत के समक्ष बिना शर्त माफी मांगी थी। इससे पहले, सरकार द्वारा आदेश रद्द किए जाने और प्रशासनिक स्तर पर हुई खींचतान के बाद यह पूरा मामला कानूनी पेंच में फंस गया था।
अदालत की रजिस्ट्री ने इन अपीलों में कई तकनीकी कमियां भी बताई हैं, जिनमें मुख्य रूप से यह उल्लेख किया गया है कि रतीश और चंद्रशेखर अवमानना कार्रवाई में पक्षकार नहीं थे, इसके बावजूद उन्होंने दो अलग-अलग अपीलों के माध्यम से एकल पीठ के कई अंतरिम आदेशों को चुनौती दी है।