Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mukesh Sharma ने कांवड़ सेवा शिविर में युवाओं से सेवा और सामाजिक दायित्व निभाने का किया आह्वान राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ... यूपी में सियासी घमासान: "सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है"— मायावती और बृजेश पाठक का अखिलेश यादव पर ती... कांवड़ यात्रा नियम: सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने के बाद भी रखें इन बातों का ध्यान, न करें ये गलतियां कश्मीरी विस्थापितों की वापसी पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट: सुरक्षा व आजीविका के आकलन का निर्देश, मिलेगा...

Tragic Incident in Gumla: मानसिक बीमारी से परेशान मां ने बच्चों के साथ कुएं में लगाई छलांग? जांच में जुटी पुलिस

गुमला: झारखंड के गुमला जिले के घाघरा थाना अंतर्गत मनातू गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गांव के ही एक कुएं से एक महिला और उसके दो छोटे बच्चों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान परदेशनी कुमारी (पत्नी जगन्नाथ उरांव) और उनके दो बच्चों – 5 वर्षीय अंश उरांव व 4 वर्षीय आशमानी कुमारी के रूप में हुई है।

🔍 कैसे हुआ खुलासा?

परिजनों के अनुसार, महिला पिछले काफी समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं और उनका इलाज भी चल रहा था। बुधवार को वह बच्चों के साथ घर से यह कहकर निकलीं कि वे कुएं पर नहाने और कपड़े धोने जा रही हैं। जब काफी समय तक वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी खोजबीन शुरू की। कुएं के पास बच्चों के कपड़े मिलने पर शक गहराया और भीतर देखने पर तीनों के शव बरामद हुए।

📋 पुलिस की जांच और प्रारंभिक संकेत

सूचना मिलते ही घाघरा थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शवों को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर पुलिस इसे मानसिक तनाव के कारण उठाया गया कदम मान रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी।

⚠️ झारखंड में ऐसी दर्दनाक घटनाओं का सिलसिला

यह पहली बार नहीं है जब राज्य में ऐसी दुखद घटना सामने आई है। इससे पूर्व वर्ष 2024 में लोहरदगा जिले के हुदू गांव में भी एक महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी थी। इस तरह की घटनाएं समाज में मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के प्रति जागरूकता की कमी की ओर इशारा करती हैं।