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Yamuna Bazar Encroachment: दिल्ली के यमुना बाजार में चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध निर्माण पर बड़ी कार्रवाई

दिल्ली: राजधानी दिल्ली के यमुना बाजार इलाके में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। निगमबोध घाट के पास स्थित इस क्षेत्र में अवैध निर्माणों को हटाने के लिए भारी मशीनों और बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। किसी भी प्रकार के विरोध या अप्रिय स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

🚧 सुरक्षा और बैरिकेडिंग

प्रशासन ने कार्रवाई से पहले ही पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है। पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग लगाकर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय निवासियों को घर खाली करने के लिए पहले ही पर्याप्त समय दिया गया था। बुधवार रात तक मकान खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था, जिसके बाद गुरुवार सुबह से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई।

🗣️ स्थानीय लोगों का दर्द और प्रशासन का तर्क

स्थानीय निवासियों का दावा है कि यमुना बाजार में करीब 310 से अधिक घर हैं, जहां परिवार दशकों से रह रहे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने विस्थापन (Rehabilitation) को लेकर उन्हें कोई ठोस विकल्प नहीं दिया है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रियाओं के तहत है। डीडीए (DDA) के अनुसार, दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में यह अभियान चलाया जा रहा है।

📜 कानूनी प्रक्रिया और नोटिस

अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। प्रशासन ने इस संबंध में कई बार नोटिस जारी किए थे:

  • 13 मई: आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत खाली करने का नोटिस।

  • 2 जून: दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 23 जून तक का अंतिम नोटिस।

  • सार्वजनिक सूचना: स्पष्ट किया गया था कि 24 जून के बाद किसी भी स्थिति में अतिक्रमण हटाया जाएगा।