रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ आगमन पर राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गई है. कांग्रेस ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कुछ मांगें की है. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने इस अवसर पर आदिवासी समाज की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए राष्ट्रपति से निर्णायक हस्तक्षेप की अपील की है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को अमरजीत भगत ने गर्व का क्षण बताते हुए उनका हार्दिक स्वागत किया.उन्होंने कहा कि महामहिम स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं, इसलिए वे समुदाय की वास्तविक समस्याओं और संघर्षों को गहराई से समझती हैं.
आदिवासियों का पलायन रोके सरकार : अमरजीत भगत ने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक जंगलों की कटाई, भूमि क्षरण और प्राकृतिक संसाधनों की कमी तेजी से बढ़ रही है. यह संकट सीधे आदिवासी समाज की आजीविका, संस्कृति और अस्तित्व को प्रभावित कर रहा है. अमरजीत भगत ने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों और संसाधनों की कमी के कारण आदिवासी परिवार पलायन को मजबूर हो रहे हैं.
आदिवासी समुदाय के लिए एक संवेदनशील और मजबूत नीति समय की मांग है . महामहिम के आगमन से छत्तीसगढ़ को नई दिशा, ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी – अमरजीत भगत,पूर्व मंत्री
अमरजीत भगत ने आदिवासियों को लेकर कहा कि अपने गांव और परंपराओं से दूर जाना उनकी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संरचना के लिए बड़ा खतरा है.पूर्व मंत्री ने राष्ट्रपति से आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए निर्णायक कदम उठाने की अपील की.साथ ही उम्मीद जताई कि आदिवासी समाज की समस्याओं पर जल्द कारगर कदम उठाए जाएंगे.