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यह सरकार सिर्फ पीआर की भूखी हैः खडगे

एआई इम्पैक्ट समिट में कुप्रबंधन पर कांग्रेस का तीखा हमला

  • दिखावा के चक्कर में नाक कटवा दी

  • तमाम प्रतिभागियों को परेशानी हो रही

  • यूपीआई का ढिंढोरा पर नकद भुगतान

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट को लेकर देश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस वैश्विक आयोजन के दौरान हुए कथित कुप्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे पीआर की भूखी सरकार का एक और उदाहरण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने भारत की डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता नेतृत्व क्षमता दिखाने के एक बड़े अवसर को पूर्ण अराजकता में बदल दिया है।

अराजकता और असुविधा के आरोप मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए कार्यक्रम के पहले दिन की अव्यवस्थाओं को रेखांकित किया। खड़गे के अनुसार, इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए स्टार्टअप संस्थापकों, प्रदर्शकों और आगंतुकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के फोटो अवसर के लिए कार्यक्रम में अचानक पहुँचने (गेटक्रैशिंग) के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे प्रतिभागियों को अत्यधिक कष्ट हुआ।

खड़गे ने उन शिकायतों की एक सूची भी पेश की जो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आई थीं। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शकों के पास भोजन और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। सुरक्षा में चूक के कारण प्रदर्शकों के उत्पाद चोरी हो गए। डिजी यात्रा प्रणाली पूरी तरह विफल रही। लैपटॉप, व्यक्तिगत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैग ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, जिससे तकनीकी विशेषज्ञों को काम करने में बाधा आई। आश्चर्यजनक रूप से, डिजिटल इंडिया का दावा करने वाले इस कार्यक्रम में यूपीआई के बजाय केवल नकद भुगतान स्वीकार किया जा रहा था।

वैश्विक शर्मिंदगी और बेंगलुरु मॉडल का सुझाव कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे देश के लिए एक वैश्विक शर्मिंदगी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की अक्षमता के कारण भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपमानित होना पड़ा है। खड़गे ने केंद्र को सुझाव दिया कि उन्हें कर्नाटक सरकार द्वारा आयोजित होने वाले बेंगलुरु टेक समिट से सीख लेनी चाहिए, जो हर साल बिना किसी व्यवधान के बड़े पैमाने पर तकनीकी सम्मेलनों का सफल आयोजन करता है।

विपक्ष के बढ़ते दबाव और सोशल मीडिया पर वायरल होती शिकायतों के बीच, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मामले पर संज्ञान लिया। उन्होंने प्रदर्शकों को हुई असुविधा के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। वैष्णव ने आश्वासन दिया कि यदि एआई समिट में प्रदर्शकों को किसी भी मुद्दे या असुविधा का सामना करना पड़ा है, तो हम उसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं। सभी समस्याओं का जल्द ही समाधान किया जाएगा। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारत दुनिया के सामने खुद को एक तकनीकी महाशक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है, जिससे भविष्य के आयोजनों की व्यवस्थाओं पर अब सवालिया निशान लग गए हैं।