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जम्मू कश्मीर पुलिस ने ऑनलाइन निवेश घोटाला पकड़ा

डॉक्टर सहित नौ लोग हुए गिरफ्तार

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में पुलिस ने एक बेहद जटिल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऑनलाइन निवेश घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस घोटाले का पैमाना इतना बड़ा है कि अब तक 209 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के सबूत मिल चुके हैं, और अधिकारियों का अनुमान है कि जांच पूरी होने तक यह आंकड़ा 400 करोड़ रुपये के पार जा सकता है। इस मामले में पुलिस ने एक एमबीबीएस डॉक्टर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर फिशिंग और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ठग रहे थे।

इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब सफापोरा, गांदरबल के निवासी फिरदौस अहमद मीर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस स्टेशन गांदरबल में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। एसएसपी गांदरबल, श्री खलील अहमद पोसवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल का गठन किया, जिसमें साइबर और वित्तीय विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया।

जांच में इस पूरे नेक्सस का मुख्य मास्टरमाइंड एकांत योगदत्त उर्फ डॉक्टर मॉर्फिन निकला, जो हरियाणा के हिसार का निवासी है। पुलिस के अनुसार, एकांत ने फिलीपींस से एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान इन तकनीकी धोखाधड़ी के गुर सीखे थे। उसके सीधे संबंध चीनी नागरिकों से भी पाए गए हैं। उसे दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तब गिरफ्तार किया गया जब वह चीन से वापस लौट रहा था।

यह गिरोह सोशल मीडिया और गूगल पर जैसी फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को लुभाता था। जब पीड़ित इन प्लेटफॉर्म्स पर कॉइन्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश करते थे, तो उनका पैसा सीधे गिरोह द्वारा नियंत्रित स्थानीय बैंक खातों में चला जाता था।

पैसे के लेन-देन को छिपाने के लिए मल्टीपल लेयरिंग का सहारा लिया गया। स्थानीय खातों से पैसा तुरंत जम्मू-कश्मीर के बाहर और फिर विदेशों में भेज दिया जाता था ताकि जांच एजेंसियां ​​पैसे के स्रोत का पता न लगा सकें।

इस घोटाले में कश्मीर के विभिन्न जिलों (बडगाम, श्रीनगर, बारामूला) के स्थानीय लोग क्षेत्रीय प्रमुख के रूप में काम कर रहे थे। ये जालसाज गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को 8-10 हजार रुपये प्रति माह का लालच देकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड हासिल कर लेते थे। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है, जो इन फर्जी वेबसाइटों के लिए क्यूआर कोड उपलब्ध कराते थे।

पुलिस ने अब तक 835 खातों का विवरण जुटाया है, जिनमें से 290 खातों के सत्यापन में ही 209 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन मिला है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने और पैसे के पूरे ट्रेल का पता लगाने में जुटी है।