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Chhattisgarh Dial 112: जशपुर में डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन का आगाज; अब दूरस्थ गांवों में चंद मिनटों में पहुंचेगी पुलिस

जशपुर: छत्तीसगढ़ के वनांचल और आदिवासी बाहुल्य जिले जशपुर में आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए पुलिसिंग को बेहद मजबूत और आधुनिक किया गया है। तकनीक के इस नए विस्तार का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब जिले के सुदूर और पहाड़ी अंचलों में स्थित दूरस्थ गांवों में भी किसी आपात स्थिति के दौरान चंद मिनटों में पुलिस सहायता पहुंच सकेगी। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को गंभीर मेडिकल इमरजेंसी और प्राकृतिक आपदा के समय भी त्वरित सरकारी सहायता मिल पाएगी। जिले में ‘डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन’ योजना के शुभारंभ के गरिमामयी मौके पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने जिले की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए 11 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) और 2 विशेष हाईवे पेट्रोल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर क्षेत्र की लोकप्रिय जशपुर विधायक रायमुनि भगत, जिला कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

👮 दूर गांव तक आसानी से पहुंच सकेगी पुलिस सेवा: उपाध्यक्ष गोमती साय ने कहा—सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत

इस ऐतिहासिक अवसर पर अपने संबोधन में सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय ने कहा कि इस आधुनिक योजना के धरातल पर उतरने से अब दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। जशपुर जैसे जटिल भौगोलिक परिदृश्य वाले जिले के अंतिम छोर पर बसे लोगों तक पुलिस सेवा आसानी से उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इस नई व्यवस्था से न केवल जिले की कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत व प्रभावी होगी, बल्कि आम जनता के मन में खाकी और पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास व सुरक्षा की भावना भी तेजी से बढ़ेगी।

👩‍ात महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगी यह व्यवस्था: विधायक रायमुनि भगत की नागरिकों से विशेष अपील

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जशपुर की विधायक रायमुनि भगत ने कहा कि यह योजना आम जनता की सुरक्षा को पूरी तरह से अचूक बनाने की दिशा में राज्य सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण और जनहितकारी पहल है। उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक जीपीएस तकनीक और हथियारों से सुसज्जित यह नई आपातकालीन व्यवस्था वनांचल क्षेत्र की महिलाओं, स्कूल जाने वाले बच्चों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सीधे-साधे लोगों के लिए एक बड़ी राहत और ढाल साबित होगी। उन्होंने मंच से नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की अप्रिय या आपात स्थिति में बिना किसी डर के तुरंत डायल-112 सेवा का उपयोग करें और एक सुरक्षित, भयमुक्त एवं सहयोगात्मक समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

🏥 पुलिस, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन के बीच स्थापित होगा बेहतर समन्वय: कलेक्टर रोहित व्यास ने सुशासन की पहल को सराहा

जशपुर के जिला कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि ‘डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन’ योजना राज्य शासन की दूरदर्शी जनकल्याणकारी सोच और जमीनी स्तर पर सुशासन (Good Governance) स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने इसके तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन और अन्य सभी प्रकार की आपातकालीन सेवाओं के बीच एक ही छत के नीचे समन्वय स्थापित होने से संकट में फंसे नागरिकों को बेहद शीघ्र और प्रभावी सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। जशपुर जैसे भौगोलिक रूप से अत्यंत विस्तृत, जंगलों और पहाड़ों से घिरे जिले में यह आधुनिक सेवा ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के जरूरतमंदों के लिए वास्तव में एक जीवनरक्षक (Lifesaver) साबित होगी।

🛠️ जानिए नए रिस्पांस वाहनों में क्या-क्या आधुनिक सुविधाएं हैं उपलब्ध: एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने दी तकनीकी जानकारी

योजना की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जशपुर के एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि ‘डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जेन’ योजना के तहत जिले को जो अत्याधुनिक गाड़ियां प्राप्त हुई हैं, उनसे जिले की पुलिसिंग व्यवस्था तकनीकी रूप से देश के बड़े महानगरों की तरह सक्षम हो गई है। इन सभी वाहनों में एडवांस GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT), हाई-फ्रीक्वेंसी वायरलेस संचार प्रणाली, फ्रंट और बैक डैश कैम (Dash Cam) और आधुनिक जीवन रक्षक सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। जिला मुख्यालय पर बने हाईटेक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को जैसे ही किसी आपात स्थिति की सूचना मिलेगी, सिस्टम स्वतः घटनास्थल के सबसे नजदीक मौजूद वाहन को तुरंत जीपीएस के जरिए ट्रैक कर रवाना कर देगा, जिससे रिस्पांस टाइम (घटनास्थल तक पहुंचने का समय) न्यूनतम हो जाएगा। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इसका उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ करें।

📱 ‘एक्के नम्बर सब्बो बर’ की अवधारणा पर काम करेगी यह एकीकृत सेवा: 24 घंटे सातों दिन एक्टिव रहेगा हाईटेक कंट्रोल रूम

यह पूरी व्यवस्था छत्तीसगढ़ सरकार के मूल मंत्र “एक्के नम्बर सब्बो बर” (यानी सभी आपातकालीन जरूरतों के लिए केवल एक नंबर) की अवधारणा पर पूरी तरह आधारित है। इसके तहत पुलिस सहायता, मेडिकल इमरजेंसी (एम्बुलेंस), महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, अग्नि शमन (फायर ब्रिगेड), आपदा सहायता और हाईवे इमरजेंसी सेवाओं को एक ही केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया गया है। अब नागरिकों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं है, वे केवल 112 नंबर डायल कर सहायता पा सकते हैं। इसके अलावा, आधुनिक जनरेशन को ध्यान में रखते हुए ‘112 इंडिया’ मोबाइल ऐप, पैनिक बटन, एसएमएस, ईमेल, चैटबॉट, वेब रिक्वेस्ट और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से भी मदद मांगी जा सकती है। इसके लिए राज्य और जिला स्तर पर स्थापित अत्याधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर 24 घंटे और सातों दिन (24×7) एक्टिव रहेंगे, जहां तैनात प्रशिक्षित कॉल-टेकर्स हर कॉल पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।