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पहले पुलवामा और अब पहलगाम का चुनावी लाभ

इस बात से अब इंकार नहीं किया जा सकता कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद चुनावी जनसभाओं में भाषण देना ज्यादा पसंद करते हैं। लिहाजा विपक्ष ने कई अवसरों पर उनके खिलाफ यह आरोप भी लगाया है। अब पहलगाम आतंकी हमले के बाद यही मुद्दा उनकी जनसभाओं में छाया हुआ है।

खास कर संसद अथवा देश को औपचारिक तौर पर जानकारी देने से पहले वह बिहार की जनसभाओं में भाषण देने चले गये। उसके बाद राजस्थान और गुजरात का दौरा भी हो गया। अब वह पश्चिम बंगाल के उस इलाके के करीब जा रहे हैं, जिसे चिकन नेक कहा जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए क्रूर आतंकवादी हमले के बाद भारत मूकदर्शक बनकर नहीं रह सकता। गुजरात के दाहोद में एक सार्वजनिक रैली में बोलते हुए मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सशस्त्र जवाबी कार्रवाई सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह भारत के सामूहिक संकल्प और मूल्यों का प्रतिबिंब है।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने जो किया, उसके बाद क्या भारत चुप बैठ सकता था? क्या मोदी चुप बैठ सकते थे? प्रधानमंत्री ने भीड़ को संबोधित करते हुए पूछा। उन्होंने कहा, जब कोई हमारी बहनों और माताओं के माथे से सिंदूर हटाता है, तो उसका हटना भी तय हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और आतंकवाद से लड़ने के लिए देश की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मोदी ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह भारतीयों के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है… आतंकवाद फैलाने वालों ने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि मोदी से मुकाबला कितना मुश्किल हो सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लक्ष्य सिर्फ सैन्य ताकत तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा, भारत का लक्ष्य गरीबी को खत्म करना, अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और विकसित राष्ट्र बनना है।

जब हमारे पास मजबूत रक्षा और अर्थव्यवस्था होगी, तब हम विकसित भारत बनेंगे। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान को धूल चटा दी। उन्होंने भारत में शांति को बाधित करने का प्रयास करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, जब कोई हमारी बहनों के सिंदूर को मिटाने की कोशिश करता है, तो उसका अंत भी तय हो जाता है। आतंक फैलाने वालों ने कभी नहीं सोचा होगा कि मोदी से मुकाबला करना कितना मुश्किल है।

प्रधानमंत्री का यह संबोधन पहलगाम में हुए नरसंहार के करीब एक महीने बाद आया है, जिसमें हाल के वर्षों में कश्मीर में नागरिकों पर सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक हुआ था।

इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया और कथित तौर पर इसमें नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ढांचे पर लक्षित हमले शामिल थे।

एक दिन पहले, अपने मासिक मन की बात रेडियो संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने रक्षा प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने स्वदेशी रूप से विकसित प्रणालियों की ताकत का प्रदर्शन किया।

मोदी ने रविवार को कहा, हमारे सैनिकों ने भारत में बने हथियारों, उपकरणों और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अदम्य साहस के साथ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर भारत के खून-पसीने और आत्मनिर्भर राष्ट्र की शक्ति का प्रमाण है।

उन्होंने ऑपरेशन में आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, आकाशतीर वायु रक्षा नियंत्रण और रिपोर्टिंग प्रणाली और टी-72 मुख्य युद्धक टैंक जैसे मेड-इन-इंडिया प्लेटफार्मों की भूमिका पर प्रकाश डाला। इजरायल के साथ साझेदारी में विकसित स्काईस्ट्राइकर लोइटरिंग मुनिशन का इस्तेमाल सटीक हमलों के लिए किया गया।

उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे बलों द्वारा दिखाए गए पराक्रम ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इस मिशन ने स्थानीय रक्षा विनिर्माण में रुचि को भी पुनर्जीवित किया है। अभियान के बाद, वोकल फॉर लोकल में एक नया उत्साह देखने को मिला है। इस अभियान को हमारे संकल्प, साहस और बदलते भारत की तस्वीर बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब एकजुट है और आतंकवाद को हराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आज हर भारतीय का संकल्प है – हमें आतंकवाद को खत्म करना है। इसी क्रम में जोश जोश में वह यह भी कह गये कि उनकी रगों में गर्म सिंदूर बह रहा है।

लेकिन जो सवाल इससे जुड़े थे, उनका उत्तर नहीं मिला कि दो सर्वदलीय बैठक में वह क्यों नहीं आये। विपक्ष के आग्रह के बाद भी संसद का विशेष सत्र क्यों नहीं बुलाया गया। याद करना होगा कि इससे पहले पुलवामा की आतंकी घटना के बाद भी मोदी ने उसके नाम पर वोट मांगा था। अब बार बार पहलगाम का नाम लिया जा रहा है। लेकिन इसके बीच नरेंद्र मोदी मणिपुर अथवा जम्मू कश्मीर के पीड़ित लोगों से मिलने का समय तक नहीं निकाल पाये हैं।