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ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी हथियारों की चलीः राजनाथ सिंह

डीआरडीओ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए रक्षा मंत्री

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के 68वें स्थापना दिवस के अवसर पर वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में डीआरडीओ द्वारा विकसित हथियार प्रणालियों ने अत्यंत निर्णायक भूमिका निभाई। यह ऑपरेशन न केवल भारतीय सेना की वीरता का प्रमाण है, बल्कि डीआरडीओ की व्यावसायिकता और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

रक्षा मंत्री ने घोषणा की कि आगामी दशक में भारत के सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को हवाई सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी डीआरडीओ की होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में घोषित सुदर्शन चक्र वायु रक्षा प्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि डीआरडीओ इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आधुनिक युद्ध में हवाई रक्षा के महत्व को करीब से देखा गया, जहाँ डीआरडीओ के उपकरणों ने बिना किसी बाधा के काम किया और सैनिकों का मनोबल बढ़ाया।

भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 से 10 मई, 2025 के बीच ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला था, जिसमें 25 पर्यटकों सहित 26 लोग मारे गए थे। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर के भीतर घुसकर आतंकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। इस कार्रवाई में कई शीर्ष कमांडरों सहित दर्जनों आतंकवादी मारे गए और उनके प्रशिक्षण शिविरों व सैन्य प्रतिष्ठानों को नष्ट कर दिया गया।

राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ से तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र के साथ तालमेल बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने निजी क्षेत्र, स्टार्टअप और शिक्षाविदों के साथ बढ़ते सहयोग की सराहना की, जिससे एक मजबूत रक्षा इकोसिस्टम तैयार हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का युग केवल विज्ञान का नहीं, बल्कि निरंतर सीखने का है, जहाँ पुरानी तकनीकें बहुत जल्दी अप्रासंगिक हो जाती हैं। डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी. कामत ने रक्षा मंत्री को 2026 के रोडमैप और भविष्य की चुनौतियों के बारे में जानकारी दी।