Breaking News in Hindi

सोपोर में हथियार और आईईडी बरामद

चंद दिनों की शांति के बाद फिर से आतंकी सक्रिय

संयुक्त घेराबंदी का नतीजा है यह

हथियारों को छिपाकर रखा गया था

आतंकवादियों की तलाश अभी जारी है

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर उप-मंडल में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार को एक संयुक्त घेराबंदी और तलाश अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद कर क्षेत्र में किसी बड़ी अनहोनी या आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह लक्षित अभियान सोपोर पुलिस के विशेष अभियान समूह के नेतृत्व में संचालित किया गया था। इस अभियान में भारतीय सेना की 52 राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 177वीं बटालियन और 179वीं बटालियन की टुकड़ियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

सुरक्षा बलों को सोपोर के तारज़ू पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मंज़सीर इलाके में संदिग्ध गतिविधियों और हथियारों की मौजूदगी की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया और क्षेत्र के सभी निकास मार्गों को सील कर दिया, जिससे किसी भी संदिग्ध को भागने का मौका न मिले। इसके बाद इलाके में घर-घर जाकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस तलाशी में इलाके की सघन जांच के दौरान, सुरक्षा बलों का ध्यान एक सुनसान और परित्यक्त (खाली पड़े) मकान की ओर गया। मकान की बारीकी से ली गई तलाशी के दौरान वहां छिपाकर रखा गया गोला-बारूद बरामद हुआ। इसमें एके-47 राइफल: 1, एके-47 मैगजीन: 3, लाइव कारतूस: 72 राउंड, हैंड ग्रेनेड (हथगोले): 4, आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस): 1 मिले हैं।

विस्फोटक सामग्री और आईईडी मिलने के तुरंत बाद बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया ताकि बरामद किए गए विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से संभालकर निष्क्रिय किया जा सके। प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि यह जखीरा किसी बड़ी आतंकवादी घटना को अंजाम देने के मकसद से वहां छिपाया गया था। इस संबंध में स्थानीय तारज़ू पुलिस स्टेशन में प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और सुरक्षा बल अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह हथियार किस आतंकी संगठन से जुड़े थे और इन्हें वहां छुपाने में किन स्थानीय ओवरग्राउंड वर्करों का हाथ था। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और तलाशी अभियान जारी है।