इस्लामाबाद के शिया मस्जिद में हुआ था आत्मघाती हमला
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अफगानिस्तान से जुड़े हमले के तार
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हमलावर की पहचान के बाद कार्रवाई
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खुद को ही उड़ा लिया था हमलावर ने
पेशावर: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक शिया मस्जिद पर हुए भीषण आत्मघाती हमले की जांच में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। खैबर पख्तूनख्वा के पेशावर से पुलिस ने दो पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिनके तार इस आतंकी हमले से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
शुक्रवार को इस्लामाबाद के तलाई इलाके में स्थित खदीजा-अल-कुबरा मस्जिद-सह-इमामबाड़ा में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। इस भयावह हमले में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 169 अन्य घायल हुए हैं। यह हाल के वर्षों में शिया समुदाय को निशाना बनाकर किया गया सबसे भीषण आतंकी हमला माना जा रहा है।
शुक्रवार देर रात चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने संदिग्ध आत्मघाती हमलावर के दो भाइयों और एक महिला को हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल और संदिग्धों के पास से बरामद पहचान पत्र से हमलावर की शिनाख्त यासिर के रूप में हुई है।
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, स्थायी पता: अब्बास कॉलोनी, शिरो जंगी, चारसद्दा रोड, पेशावर। अस्थायी पता: गंज मोहल्ला काजियान, पेशावर।अफगानिस्तान में ली थी आतंकी ट्रेनिंग। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हमले को अंजाम देने से पहले हमलावर यासिर लगभग पांच महीनों तक अफगानिस्तान में रहा था।
खुफिया सूचनाओं के अनुसार, वहां उसने हथियारों को चलाने और आत्मघाती हमले करने का औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया था। इस खुलासे के बाद अब जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान उस नेटवर्क को ध्वस्त करने पर है जिसने इस हमले की साजिश रची और हमलावर को संसाधन उपलब्ध कराए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पेशावर और नौशेरा के विभिन्न इलाकों में संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है ताकि हमले में मदद करने वाले सुविधादाताओं और संपर्कों को पकड़ा जा सके। प्रशासन का कहना है कि इस मामले की जांच हर संभव कोण से की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी सबूत सामने आने की उम्मीद है, जिससे इस साजिश की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकेंगी।