Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दुश्मनों की अब खैर नहीं! ड्रोन से लैस होंगे भारतीय सेना के टैंक, 'शौर्य स्क्वाड्रन' बना हाईटेक ताकत Swami Avimukteshwaranand News: यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाई कोर्ट से अग्रि... क्वांटम प्रकाश में 48 आयामी दुनिया की खोज Parliament Dress Code: क्या राहुल गांधी पर है निशाना? BJP नेता ने की संसद में टी-शर्ट और कार्गो बैन ... West Bengal Politics: ममता सरकार को घेरने का BJP का प्लान, 28 मार्च को अमित शाह लाएंगे 'चार्जशीट' Deputy CM Vijay Sharma: पापा राव के सरेंडर से पहले की सीक्रेट फोन कॉल! जानें डिप्टी सीएम ने क्या दिय... Budaun News: रेलवे की बड़ी सौगात! अब घूमकर नहीं सीधे दिल्ली जाएगी ट्रेन, चेक करें नया रूट West Asia Crisis: LPG, PNG और बिजली दरों पर मंत्री समूह की बैठक में अहम मंथन GST की चोरी, 5 राज्यों में फैला नेटवर्क, करोड़ों का लगाया ‘चूना’… मुरादाबाद से मास्टरमाइंड ‘भूरा प्रध... Arvind Kejriwal in Amreli: 'पंजाब की तरह गुजरात में भी लाएंगे खुशहाली', जनसभा में सरकार पर बरसे केजर...

अग्नि 3 मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया

भारत के तरकश में एक और नया कारगर हथियार जुड़ा

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः भारत ने अपनी सैन्य शक्ति और रणनीतिक संप्रभुता का परिचय देते हुए एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी धमक कायम की है। 6 फरवरी 2026 को ओडिशा के तट पर स्थित चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-3 का सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण भारत के स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड की देखरेख में संपन्न हुआ, जो देश के परमाणु हथियारों के प्रबंधन और संचालन के लिए उत्तरदायी है। इस परीक्षण की सफलता ने भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।

अग्नि-3 मिसाइल भारत की रक्षा प्रणाली का एक अत्यंत विश्वसनीय स्तंभ है। यह सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जो 3,000 से 3,500 किलोमीटर तक की दूरी पर स्थित लक्ष्यों को सटीकता से भेदने की क्षमता रखती है। यह न केवल लंबी दूरी तक प्रहार कर सकती है, बल्कि पारंपरिक और परमाणु, दोनों प्रकार के युद्धक सामग्री ले जाने में सक्षम है।

इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी इसका आधुनिक नेविगेशन और उन्नत गाइडेंस सिस्टम है। परीक्षण के दौरान इसने न केवल अपनी उड़ान की स्थिरता साबित की, बल्कि पूर्व-निर्धारित लक्ष्य पर अत्यंत सटीक प्रहार करके अपनी ऑपरेशनल रेडीनेस का भी प्रदर्शन किया। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अग्नि-3 की सटीकता इसे आधुनिक युद्धक्षेत्र में एक घातक हथियार बनाती है।

अग्नि मिसाइल श्रृंखला का विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा स्वदेशी रूप से किया गया है। यह भारत के इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

अग्नि-3 और ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों के संयोजन के साथ भारत अब 30 किलोमीटर से लेकर 5,000 किलोमीटर के दायरे में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। जहाँ ब्रह्मोस 300 किलोमीटर तक के लक्ष्यों के लिए अचूक है, वहीं अग्नि-3 क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

दिलचस्प बात यह है कि भारत की मिसाइल तकनीक की विश्वसनीयता को देखते हुए कई मित्र देशों ने अग्नि-1 में गहरी रुचि दिखाई है और वे इसे हासिल करने के लिए भारत सरकार के संपर्क में हैं। यह न केवल भारत की सैन्य ताकत को दर्शाता है, बल्कि रक्षा निर्यात के क्षेत्र में उभरते हुए भारत की एक झलक भी पेश करता है। निष्कर्षतः, अग्नि-3 का यह सफल परीक्षण भारत के शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त परमाणु सिद्धांत की दिशा में एक बड़ा कदम है।