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प्रदेश में पार्टी का लाल अभी सिर्फ बाबूलाल

  • चेहरे के भाव से सब कुछ कह गये

  • शायद राज्यपाल से खुश नहीं हैं मोदी

  • आजसू प्रमुख को भी तरजीह नहीं मिली

राष्ट्रीय खबर

रांचीः ठंड की रात में सड़कों पर हजारों की भीड़ को उत्साहित करते और हाथ हिलाकर अभिवादन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सभी ने देखा। जो लोगों ने नहीं देखा, वह हवाई अड्डे पर उनके स्वागत का था। बड़े नेताओं को बॉडी लैंग्वेज और फेशियल एक्सप्रेशन यानी शरीर की भाषा और चेहरे के भाव को राजनीति में काफी महत्व दिया जाता है।

इस लिहाज से श्री मोदी ने अपनी धारणा को बिना कुछ कहे ही साफ कर दिया और यह बता दिया कि फिलहाल झारखंड भाजपा के मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की अंतिम व्यक्ति है। पूरे घटनाक्रम को देखने वालों की मानें तो सिर्फ अपने चेहरे के भाव से ही प्रधानमंत्री ने यह साफ कर दिया कि उनकी नजरों में झारखंड में किसका क्या कद है।

इसी आधार पर आगे की राजनीति भी तय होने जा रहा है, इसका इशारा वह दे गये हैं। दरअसल भाजपा को झारखंड से पिछली बार 12 सांसद मिले थे। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। ऐसे में बाबूलाल मरांडी के साथ उनका मिलना यह संकेत देता है कि अगले चुनाव में किसे टिकट मिलेगा या किनलोगों का टिकट कटेगा, इसमें भी श्री मरांडी की भूमिका होगी। इसके साथ ही श्री मोदी ने साफ कर दिया का इस प्रदेश में पार्टी को श्री मरांडी के लाइन और लेंथ पर ही काम करना है।

दोनों की मुलाकात के बारे में सभी ने देखा कि बाबूलाल मरांडी से मिलते वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे का भाव कुछ और ही था। दोनों यानी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बाबूलाल मरांडी दोनों के चेहरे पर मुस्कुराहट थी। इसका राजनीतिक अर्थ यही निकलता है कि श्री मरांडी अभी झारखंड के मुद्दे पर श्री मोदी के गुड बुक में शीर्ष पर हैं। वह हाल ही में पूरे प्रदेश की यात्रा समाप्त कर चुके हैं। इससे प्रदेश में भाजपा को नये सिरे से सक्रिय करने में मदद मिली है। इसकी सूचना प्रधानमंत्री को भी होगी और शायद इसी वजह से वह झारखंड के मुद्दे पर श्री मरांडी पर सबसे अधिक भरोसा कर रहे हैं।

उनके स्वागत के घटनाक्रम यही बताते हैं कि अगवानी में गये अन्य लोगों को श्री मोदी ने उतना भाव भी नहीं दिया। इसमें सबसे पहले स्वागत करने वाले राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन थे। उसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा

और आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने भी उन्हें गुलदस्ता दिया। इन तीनों से मिलने के क्रम में श्री मोदी के चेहरे का भाव बिल्कुल सपाट रहा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी अकेले व्यक्ति रहे, जिनसे मिलते वक्त श्री मोदी के चेहरे पर मुस्कुराहट देखी गयी। इसी बदलाव को राजनीति के जानकार एक साफ संकेत मान रहे हैं।