Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal News: बंगाल में 1 जून से महिलाओं को मिलेंगे ₹3000, शुभेंदु सरकार का 'अन्नपूर्णा भंडार' प... पीएम मोदी का वडोदरा से संबोधन: 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाएं और सोने की खरीदारी टालें, जानें क्या है वजह Mira Bhayandar News: काशीमीरा में शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने पर बवाल, सरनाईक और मेहता आमने-सामने BRICS Meeting Delhi: दिल्ली में जुटेगा BRICS, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर होगी चर्चा Rewa News: तिलक के दौरान दूल्हे के अफेयर का खुलासा, शादी से मना करने पर लड़की पक्ष को दौड़ा-दौड़कर प... Secunderabad News: बीटेक छात्र यवन की हत्या का खुलासा, लड़की के पिता-भाई समेत 10 आरोपी गिरफ्तार UP BJP Meeting Lucknow: 2027 चुनाव का रोडमैप तैयार करेगी BJP, लखनऊ में 98 जिलाध्यक्षों की बड़ी बैठक Katihar Crime News: कटिहार में मानवता शर्मसार, नाबालिगों को खूंटे से बांधकर पीटा, सिर मुंडवाकर जबरन ... Jamshedpur Triple Murder: जमशेदपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने पत्नी और दो बच्चों को उतार... मानव को अंगों को उगाने में मदद करेगा

Delhi Monsoon 2026: दिल्ली सरकार ने 57% नालों की सफाई का काम किया पूरा, मानसून से पहले 76 प्रमुख नालों पर विशेष फोकस

मानसून के मद्देनज़र दिल्ली में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने अपनी तैयारियों को तेज़ कर दिया है. शहर के प्रमुख नालों की डी-सिल्टिंग का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और विभाग अब तक अपने कुल लक्ष्य का 57% से अधिक पूरा कर चुका है. इसका उद्देश्य हर साल होने वाली जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्या को न्यूनतम करना है.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 76 नालों पर चल रहे डी-सिल्टिंग कार्य में अब तक 57.68% प्रगति हासिल की गई है. कुल 28.57 लाख घन मीटर सिल्ट हटाने के लक्ष्य के मुकाबले 16.48 लाख घन मीटर से अधिक सिल्ट हटाया जा चुका है.

76% से अधिक काम पूरा

महत्वपूर्ण नालों पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. 21 प्राथमिकता वाले नालों में 76% से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ये क्षेत्र मानसून से पहले लगभग तैयार हो जाएंगे. वहीं, दिल्ली के सबसे संवेदनशील जलभराव क्षेत्रों में शामिल नजफगढ़ ड्रेन सिस्टम में लगभग 48% काम पूरा हो चुका है. इसके अलावा बाकी 55 नालों पर भी कार्य 63% से अधिक तक पहुंच चुका है.

संवेदनशील स्थानों को प्राथमिकता

मैदान में तैनात अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष काम को अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है. अलग-अलग जोनों में एक साथ काम चल रहा है, जिससे अंतिम समय की हड़बड़ी से बचा जा सके. पिछले वर्षों में चिन्हित जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि पानी का बहाव सुचारू बना रहे.

मशीनरी क्षमता को मजबूत कर रहा विभाग

डी-सिल्टिंग के साथ-साथ विभाग अपनी मशीनरी क्षमता को भी मजबूत कर रहा है. ₹94 करोड़ से अधिक की लागत से आधुनिक मशीनों की खरीद की योजना पर काम जारी है. इसमें 38 विशेष मशीनें शामिल हैं, जैसे ड्रैगलाइन, लॉन्ग-बूम हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर, एम्फीबियस एक्सकेवेटर और ड्रेजर, जो गहरे और चौड़े नालों की सफाई के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं.

अब तक 12 मशीनें खरीदी जा चुकी हैं, जबकि अन्य मशीनों के लिए ऑर्डर दिए जा चुके हैं और शेष के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है. खासतौर पर एम्फीबियस मशीनों के शामिल होने से जलभराव और कठिन क्षेत्रों में काम करने की क्षमता में बड़ा सुधार आएगा.

मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने की तैयारियों की समीक्षा

दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा, हमारा फोकस इस बार ज़मीनी स्तर पर काम के निष्पादन और जवाबदेही पर है. मॉनसून से पहले हर महत्वपूर्ण नाले की सफाई और कार्यक्षमता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है. हर स्तर पर काम की लगातार निगरानी की जा रही है.

उन्होंने आगे कहा कि हमने मैनपावर और मशीनरी दोनों को मजबूत किया है. हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारी बारिश के दौरान पानी जमा न हो और आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित न हो. यह प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि पहले से की गई तैयारी है.

सिल्ट का सही तरीके से निस्तारण

विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि निकाले गए सिल्ट का सही तरीके से निस्तारण किया जाए, ताकि वह दोबारा नालों में न लौटे-जो पिछले वर्षों में एक बड़ी समस्या रही है. नियमित निरीक्षण और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जा रही हैं. डी-सिल्टिंग का बड़ा हिस्सा पूरा होने और आधुनिक मशीनों की तैनाती के साथ, विभाग का लक्ष्य है कि मानसून के चरम से पहले सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि राजधानी को हर साल होने वाली जलभराव की समस्या से राहत मिल सके.