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डोभाल के चलते मोदी को भी पद छोड़ना पड़ेगाः डॉ स्वामी

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को पद से हटाए जाने की मांग की है। डॉ स्वामी अक्सर ही अपनी बेबाक टिप्पणी और सत्ता के प्रमुख लोगों के खिलाफ बयान देने के लिए जाने जाते हैं।

इस बार डॉ सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को डोभाल को एनएसए पद से बर्खास्त करना चाहिए। सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि उन्होंने पेगासस टेलीफोन टैपिंग जैसी गड़बड़ी कई बार की है।

स्वामी ने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो 2023 के बीच में ही पीएम मोदी को भी पद छोड़ना पड़ सकता है। सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करते हुए मंगलवार अजीत डोभाल को लेकर यह बातें कहीं। सुब्रमण्यम स्वामी ने न केवल डोभाल को बर्खास्त करने की मांग की बल्कि यह भी कह दिया कि ऐसा नहीं हुआ तो पीएम मोदी को भी पद छोड़ना पड़ सकता है।

हाल ही में अडानी ग्रुप पर आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट और उसके बाद उठे पूरे विवाद पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि अडानी समूह की संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया जाए। क्या कांग्रेस ने अडानी से कभी कोई डील ही नहीं की।

इस सवाल के जवाब में सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि मैं उनमें से कई लोगों को जानता हूं, जिनके अडानी के साथ बहुत सारे सौदे थे, लेकिन मुझे कांग्रेस की परवाह नहीं है। मैं चाहता हूं कि भाजपा की पवित्रता स्थापित हो। दूसरी तरफ अजीत डोभाल भी अपने पुत्रों के विदेशी कारोबार की वजह से विरोधियों के निशाने पर पहले से ही हैं।

स्वामी ने कहा था कि अडानी समूह को वित्तीय सौदों से संबंधित एक रिपोर्ट के सामने आने के बाद उसके शेयरों में गिरावट के बीच विवादों का सामना करना पड़ रहा है और संसद में भी विपक्षी दलों द्वारा इस मुद्दे पर हंगामा किया गया।

सुब्रमण्यम स्वामी ने इस साल के बजट पर निशाना साधते हुए कहा था कि इसमें उद्देश्यों या रणनीतियों की कमी है। ऐसे समय में रक्षा क्षेत्र के लिये कम बजट आवंटित किया गया है जब सीमा मुद्दे को लेकर चीन का रुख आक्रामक है। डॉ स्वामी का यह बयान तब आया है जब अजीत डोभाल चुपचाप रूस जाकर राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से मिलकर लौटे हैं।