Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सत्येंद्र जैन के खिलाफ यह झूठ भी प्रमाणित होगाः केजरीवाल NEET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश: NTA को बनाएं स्थायी व मजबूत संस्थान, AI और ब्लॉकचेन तकन... कांग्रेस मुख्यालय में CWC की अहम बैठक: खरगे बोले—12 वर्षों में युवाओं का भविष्य तबाह, PM मोदी दें जव... सांप भाग जाने के बाद अब लकीर पीटने का खेल जारी जयपुर एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग: सूरत से आ रहे यात्री की बिगड़ी तबीयत, अस... चंदा चोरी में उम्मीद के मुताबिक ही एसआईटी की जांच रिपोर्ट आयी है पसंद है तो ज्ञानेश कुमार को अमेरिका ले जाइएः पवन खेड़ा राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी: राज्य निर्वाचन आयुक्त ने घोषित किया कार्यक्रम, आचार स... अंकिता भंडारी हत्याकांड: कोर्ट ने फिर खारिज की आरोपियों की जमानत, धामी सरकार की मजबूत पैरवी से दोषिय... पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से काशी में उफान पर गंगा, चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा जलस्तर

शेयर बाजार से पैसा वापस ले रहे हैं विदेशी निवेशक

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार हर स्तर पर निवेशकों को भरोसा देने का काम कर रही है। इसके बीच ही यह साफ हो गया है कि सरकार की बातों पर विदेशी निवेशकों को भरोसा नहीं हो रहा है।

इसलिए विदेशी निवेशकों (एफपीआई) ने चालू माह में 10 फरवरी तक शेयर बाजार से 9,600 करोड़ रुपये निकाले हैं। भारतीय बाजार का मूल्यांकन अन्य बाजारों की तुलना में महंगा है। इसलिए विदेशी निवेशक इन पैसों को दूसरे उभरते बाजारों में लगा रहे हैं।

हालांकि, डेट बाजारों में इन्होंने 2,154 करोड़ रुपये का निवेश किया है। आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने जनवरी में कुल 28,852 करोड़ रुपये की निकासी बाजार से की थी। पिछले सात महीने में किसी एक माह में यह सर्वाधिक निकासी थी।

दिसंबर में इन्होंने 11,119 करोड़ और नवंबर में 36,238 करोड़ रुपये का निवेश किया था। विश्लेषकों का मानना है कि आगे चलकर विदेशी निवेशकों का रुझान उतार-चढ़ाव का रहेगा क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ब्याज दरों में लगातार छठीं बार वृद्धि की है। जब तक अदाणी समूह के मुद्दों पर कोई स्पष्टता नहीं आती है, तब तक विदेशी निवेशकों का यह रुझान बना रहेगा।

विदेशी निवेशकों ने वित्तीय सेवाओं के सेगमेंट से ज्यादा निकासी की है। दूसरी तरफ इन्हीं विदेशी निवेशकों ने ऑटो और कलपुर्जों वाले शेयर बाजार में निवेश किया है।

आईटी में जनवरी में इन निवेशकों ने बिकवाली की थी। लेकिन इस महीने इसमें खरीदारी किए हैं। आयकर विभाग अप्रवासी निवेशकों पर कर लगाने के मकसद से गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों के उचित बाजार मूल्य (एफएमवी) का पता लगाने के लिए आयकर कानून के तहत संशोधित मूल्यांकन नियम जारी कर सकता है।

आयकर विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इस संशोधन की जरूरत इसलिए महसूस की जा रही है कि आयकर अधिनियम व फेमा कानून में गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के एफएमवी की गणना के लिए अलग-अलग तरीके हैं।

आयकर अधिनियम के नियम 11यूए को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम को (फेमा) के अनुरूप बनाने के लिए हितधारकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए फिर निर्धारित किया जाएगा। 11यूए अचल संपत्ति के अलावा अन्य संपत्ति के एफएमवी के निर्धारण से जुड़ा है।