Breaking News in Hindi

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पुतिन के भाग लेने की पुष्टि हो गयी

मोदी के साथ मुख्य तौर पर रक्षा समझौतों पर चर्चा

लड़ाकू विमान पर सबसे अधिक जोर है

दोनों के बीच अलग से भी बैठक होगी

अमेरिकी प्रतिबंध का मुद्दा भी उठेगा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के इतर शुक्रवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने मॉस्को से आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस उच्चस्तरीय बैठक की आधिकारिक पुष्टि की। पेसकोव ने कहा कि दोनों वैश्विक नेता पहले द्विपक्षीय एजेंडे को छुएंगे और रक्षा, द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सहयोग तथा आर्थिक साझेदारी के विविध आयामों पर व्यापक एवं गहन चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि भारत इस वर्ष 1 जनवरी 2026 से चौथी बार ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता संभाल रहा है। यह प्रतिष्ठित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में बने अत्याधुनिक भारत मंडपम परिसर में आयोजित किया जाएगा।

रूसी पक्ष के अनुसार, इस बैठक के मुख्य एजेंडे में रूस के सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी के एसयू-57 स्टील्थ लड़ाकू विमानों की भारत को संभावित बिक्री का मुद्दा शीर्ष पर है। दोनों देशों के बीच इसके तकनीकी हस्तांतरण और स्थानीय उत्पादन की संभावनाओं पर भी बातचीत हो सकती है। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय या सरकार की ओर से पेसकोव की इस टिप्पणी पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा, रूसी कच्चे तेल का आयात करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अमेरिकी चेतावनी और प्रस्तावित कदम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पेसकोव ने इसे पूरी तरह अवैध, अनुचित और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के प्रतिकूल करार दिया।

इस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मुख्य मेजबान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। सम्मेलन में समूह के सभी 11 पूर्ण सदस्य देशों—ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (जिसमें इंडोनेशिया को 2025 में पूर्ण सदस्य का दर्जा मिला था)—के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, इस बार ब्रिक्स के विस्तारित प्रारूप में 10 प्रमुख साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने व्यक्तिगत रूप से सम्मेलन में भाग लेने की अपनी पुष्टि कर दी है, जबकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भी नई दिल्ली आने की प्रबल संभावना है। यदि शी जिनपिंग भारत पहुंचते हैं, तो 2019 में तमिलनाडु के मामल्लापुरम (महाबलीपुरम) में पीएम मोदी के साथ हुई ऐतिहासिक अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी।