कई महीनों की निरंतर निगरानी के बाद खुफिया एजेंसी की कार्रवाई
खुफिया एजेंसी ने गंभीर आरोप लगाये
सुरक्षा क्षेत्रों की तस्वीरें खींच रहा था वह
रूस तक किसी को सीधा संदेश भेजता था
बुखारेस्टः रोमानिया की खुफिया एजेंसी (एसआरआई) ने देश में स्थित सैन्य और नाटो ठिकानों की जासूसी करने तथा एक तोड़फोड़ की साजिश रचने के आरोप में एक रूसी नागरिक को गिरफ्तार किया है। रोमानिया में ही रह रहे इस रूसी व्यक्ति को अन्य विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ चलाए गए एक संयुक्त अभियान के तहत हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई उसके द्वारा अत्यंत संवेदनशील सैन्य परिसरों और नाटो द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले अड्डों की तस्वीरें खींचने के बाद की गई।
मंगलवार को जारी बयान में रोमानियाई खुफिया सेवा ने बताया कि 40 वर्षीय यह रूसी नागरिक इस साल फरवरी महीने से ही लगातार निगरानी में था। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, यह संदिग्ध व्यक्ति एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन मैसेजिंग सेवाओं के माध्यम से सीधे रूस में मौजूद अपने हैंडलर के निर्देशों और समन्वय के तहत काम कर रहा था।
अनुसंधान से पता चला है कि संदिग्ध को देश भर में रणनीतिक सैन्य संपत्तियों, राष्ट्रीय व नाटो सैन्य अड्डों तथा सैन्य टुकड़ियों और उपकरणों की आवाजाही पर नज़र रखने और उनकी जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसे रोमानिया में मौजूद यूक्रेनी एंटोनोव कार्गो विमानों की गतिविधियों का दस्तावेजीकरण करने के स्पष्ट आदेश मिले थे।
यूरोप भर में हाल के दिनों में रूसी भाषा बोलने वाले एजेंटों और सरोगेट्स द्वारा कई तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया गया है, जिन्हें रूस में बैठे हैंडलर्स ऑनलाइन पैसे और निर्देश देकर निर्देशित करते हैं। यूरोपीय देशों ने लगातार मॉस्को पर कीव के युद्ध प्रयासों का समर्थन करने वाले देशों को निशाना बनाने और साइबर हमलों, तोड़फोड़ व भ्रामक सूचनाओं के माध्यम से एक हाइब्रिड वारफेयर अभियान चलाने का आरोप लगाया है। यह ताजा मामला जर्मनी के लीपज़िग-हाले हवाई अड्डे पर नाकाम किए गए ड्रोन हमले के तुरंत बाद सामने आया है, जिसने बर्लिन और मॉस्को के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।