अकूत कमाई से कर चोरी का नया धंधा
सरकारी एजेंसियां की चुप्पी पर संदेह
चुनाव आयोग ने आंख बंद कर रखा है
अवैध लेनदेन का नया रास्ता बना है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः वर्ष 2022 से 2024 के बीच भारत में गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का चुनावी चंदा मिला है, जो 2015-16 के 4.37 करोड़ रुपये की तुलना में अप्रत्याशित वृद्धि है। कई अज्ञात राजनीतिक दलों की ऑडिट और योगदान रिपोर्टों में घोषित आय राष्ट्रीय दलों की प्राप्तियों से भी अधिक दर्ज की गई है। अकेले गुजरात की 5 अमान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों ने 2019 से 2024 के बीच 2,316 करोड़ रुपये की आय घोषित की है।
इन अज्ञात राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग की शब्दावली में पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल कहा जाता है। ये ऐसे दल हैं जो चुनाव आयोग के पास औपचारिक रूप से पंजीकृत तो हैं, लेकिन राज्य या राष्ट्रीय स्तर की पार्टी का दर्जा हासिल करने की पात्रता शर्तें पूरी नहीं करते। अन्य पंजीकृत दलों की भांति इन पार्टियों को भी आयकर अधिनियम की धारा 13ए के तहत 100 फीसद कर छूट प्राप्त होती है। चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर 2025 में जारी अधिसूचना के अनुसार देश में 2,000 से अधिक एसे दल पंजीकृत हैं। आयोग द्वारा पिछले छह वर्षों से एक भी चुनाव न लड़ने वाली तथा कागजी पते पर चलने वाली निष्क्रिय पार्टियों को सूची से हटाने की कार्रवाई की गई है और आयकर जांच के लिए मामले सीबीडीटी को भेजे गए हैं।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस. वाई. कुरैशी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के 2002 के एक फैसले के कारण चुनाव आयोग के पास किसी भी पार्टी को रद्द करने का कानूनी अधिकार नहीं है। आयोग केवल सूची से नाम हटा सकता है, जो केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। सरकार को कानून बनाकर चुनाव आयोग को डी-रजिस्टर करने का अधिकार देना चाहिए।
राष्ट्रीय अभियान की सह-संयोजक अंजलि भारद्वाज ने कहा कि राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण धन शोधन और शेल कंपनियों के जरिए बेनामी संपत्ति को सफेद करने का एक बड़ा जरिया बन गया है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 से 2023-24 तक शीर्ष 10 ऐसे दल द्वारा घोषित 1,581.75 करोड़ रुपये की कुल आय में से 73.22 फीसद (1,158.11 करोड़ रुपये) अकेले गुजरात में पंजीकृत पार्टियों से जुड़ी थी। बिहार में पंजीकृत भारतीय नेशनल जनता दल ने इस अवधि में सबसे अधिक 957.44 करोड़ रुपये की आय घोषित की थी।