यूके में अमेरिकी वायुसेना के अड्डे के पास संदिग्ध गतिविधि
रात करीब एक बजे गुप्त ऑपरेशन
गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई
पकड़े गये वाहन की भी जांच जारी
लंदनः यूनाइटेड किंगडम ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार तड़के एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सैन्य अड्डे के पास कथित तौर पर आतंकवादी कृत्यों की साजिश रचने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह सैन्य अड्डा अमेरिकी वायु सेना द्वारा उपयोग किया जाता है। इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
यूनाइटेड किंगडम की मेट्रोपॉलिटन पुलिस द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पूरी घटना की शुरुआत रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब 1 बजे हुई। पुलिस को दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड बेस की ओर बढ़ रहे तीन संदिग्ध वाहनों के बारे में एक आपातकालीन कॉल मिली थी।
त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने पांच संदिग्धों को धर दबोचा। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। इन सभी पर आतंकवाद की साजिश रचने और विस्फोटक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाने का गंभीर संदेह है। इस संभावित हमले की प्रकृति और पैमाने का आधिकारिक खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है। वर्तमान में आतंकवाद विरोधी (काउंटर-टेररिज्म) अधिकारी इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं और पकड़ी गई वैन की तलाशी ली जा रही है।
यूनाइटेड किंगडम में अमेरिकी वायु सेना की भारी मौजूदगी है और आरएएफ फेयरफोर्ड, लेकनहाथ तथा माइल्डेंहॉल जैसे एयरबेस मध्य पूर्व में तैनात होने वाले बमवर्षक विमानों, परिवहन विमानों और फाइटर जेट्स के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में कार्य करते हैं। इस वर्ष ईरान युद्ध की शुरुआत के दौरान, अमेरिकी वायु सेना के बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस और बी-1बी लांसर बमवर्षकों ने ईरान के खिलाफ अभियानों को अंजाम देने के लिए आरएएफ फेयरफोर्ड से ही उड़ान भरी थी। फेयरफोर्ड में ही वायु सेना की 501वीं कॉम्बैट सपोर्ट विंग का मुख्यालय स्थित है।
टास्क एंड पर्पस को दिए गए एक बयान में, वायु सेना के प्रवक्ता ने कहा, 501वीं कॉम्बैट सपोर्ट विंग स्थानीय कानून प्रवर्तन भागीदारों की त्वरित प्रतिक्रिया और निरंतर समर्थन की सराहना करती है। हमारे सैनिकों, परिवारों और आसपास के समुदायों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हालांकि, ऑपरेशनल सिक्योरिटी का हवाला देते हुए वायु सेना ने विशिष्ट सुरक्षा उपायों पर जानकारी देने से इनकार कर दिया। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा विभाग के दूसरे सबसे बड़े सुरक्षा खतरे के स्तर यानी फोर्स प्रोटेक्शन कंडीशन चार्ली पर आरएएफ लेकनहाथ को अलर्ट कर दिया गया है। रविवार को आरएएफ फेयरफोर्ड की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें बी-1बी लांसर बमवर्षक सहित कई अमेरिकी विमान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि संदिग्धों का इरादा बहुत बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने का था। ब्रिटिश अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर पास के गांव के घरों को खाली करा लिया और पूरे इलाके को घेर लिया है, जबकि ब्रिटिश सेना के बम निरोधक दस्ते ने वैन की गहन जांच की है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने पुष्टि की है कि इस मामले में आगे की जांच युद्धस्तर पर जारी है।
गौरतलब है कि यूरोप में अमेरिकी सैन्य अड्डों का उपयोग लंबे समय से विवादों में रहा है, जिससे यूनाइटेड किंगडम सहित कई देशों में स्थानीय स्तर पर इसका विरोध भी देखने को मिला है। कुछ सरकारों ने तो अमेरिकी सैन्य उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई है। इससे पहले अप्रैल में, आरएएफ लेकनहाथ के मुख्य प्रवेश द्वार को नाकेबंदी करने का प्रयास करने के बाद एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था।