अमेरिकी सेना की शर्मनाक वापसी की आलोचना की
यह इलाका सुरक्षाविहीन हो जाएगा
आतंकवादियों के सर उठाने का खतरा
ईरान की तरफ से हमले का अंदेशा है
एर्बिलः इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्दिश क्षेत्र के प्रधानमंत्री मसरूर बारज़ानी ने देश से अमेरिकी सेना की आसन्न वापसी को शर्मनाक करार दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने चिंता जताई कि इस वापसी से उनका क्षेत्र रक्षाविहीन और असुरक्षित हो जाएगा। प्रधानमंत्री मसरूर बारज़ानी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि खतरा वास्तविक है और वे लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी उचित रक्षा प्रणाली के अकेला छोड़ दिया जाना बेहद शर्मनाक है। बारज़ानी ने स्पष्ट किया कि कुर्दिश क्षेत्रीय सरकार अपनी रक्षा प्रणालियाँ स्वयं नहीं खरीद सकती, यह अधिकार केवल बगदाद में बैठी केंद्रीय सरकार के पास है।
इराक से अमेरिकी सेना की यह पूर्ण वापसी इसी बुधवार, 30 सितंबर को पूरी होने वाली है। इस फैसले पर साल 2024 में सहमति बनी थी, जो कि चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ युद्धक अभियान के 2021 में समाप्त घोषित होने के बाद आया था। अमेरिकी सेना ने 2003 में इराक में प्रवेश किया था और तानाशाह सद्दाम हुसैन को सत्ता से बेदखल किया था। इसके बाद 2011 में वापसी के बाद, अमेरिकी सैनिक 2014 में इस्लामिक स्टेट से मुकाबला करने के लिए दोबारा लौटे थे।
फरवरी में ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से, इराकी कुर्दिश क्षेत्र को सैकड़ों रॉकेटों और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया है, जिसमें बारज़ानी के अपने कार्यालय पर हुआ हमला भी शामिल है। ईरान, स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र को इराकी भूमि पर पश्चिम और इज़राइल का सहयोगी मानता है। एर्बिल में एक बहुराष्ट्रीय बेस स्थित है जहाँ अमेरिकी और जर्मन सैनिक तैनात हैं, और वह बेस भी हमलों की चपेट में आ चुका है, जिन्हें अमेरिकी बलों ने नाकाम किया।