व्यापारियों को कारोबारी सुविधा प्रदान करने पर जोर है
वर्किंग कैपिटल का बोझ कम हो सकेगा
लालफीताशाही कम करने पर भी विचार
अफसरों का कब्जा कम किया जाए
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः जीएसटी काउंसिल की बैठक में तेज पंजीकरण और रिफॉर्म्स को मंजूरी की संभावना है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली में चल रही 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में गुरुवार को अनुपालन को सरल बनाने, रिफ्यूंड प्रक्रिया को तेज करने और व्यवसायों पर कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) के बोझ को कम करने के उपायों को मंजूरी दे दी गई है।
इन सुधारों में तेज जीएसटी पंजीकरण, इनपुट टैक्स क्रेडिट के प्रोसेसिंग में अधिक स्वचालन (ऑटोमेशन) और त्वरित रिफंड शामिल हैं। सरकार रिस्क-बेस्ड प्रोसेसिंग का विस्तार करने पर भी विचार कर रही है, जिससे कम जोखिम वाले करदाताओं को अधिकारियों के न्यूनतम हस्तक्षेप के साथ मंजूरियां मिल सकेंगी। कस्टम्स और बैंकिंग प्लेटफॉर्म्स के डेटा का उपयोग करके रिफंड दावों के लिए अनंतिम भुगतान (प्रोविज़नल पेआउट) प्रक्रिया को और तेज किया जा सकता है, जिससे मैनुअल जांच कम होगी।
इन उपायों से विशेष रूप से एमएसएमई, निर्यातकों और बड़े आईटीसी बैलेंस वाले व्यवसायों को उनकी कार्यशील पूंजी को अनलॉक करने में काफी लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, काउंसिल छोटे करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाने और सेवा निर्यात को नियंत्रित करने वाले जीएसटी नियमों में बदलाव पर भी विचार कर रही है, जिससे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स को फायदा हो सकता है।