हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर अब भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है
कई लोगों ने इसका गलत लाभ लिया था
शॉर्ट सेलिंग की सूची बनाकर कमाया
सेबी ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है
राष्ट्रीय खबर
मुंबई: भारत के बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने उन सौदों से हासिल किए गए अनुचित लाभ को वापस वसूलने की प्रक्रिया के तहत सुनवाई शुरू कर दी है, जिनके बारे में संदेह है कि उन्हें अडानी समूह पर हिंडनबर्ग रिसर्च की तीखी रिपोर्ट की अग्रिम जानकारी का फायदा उठाकर अंजाम दिया गया था। मामले की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले दो सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
सेबी ने वर्ष 2024 में कहा था कि अमेरिका स्थित किंगडन कैपिटल मैनेजमेंट ने हिंडनबर्ग द्वारा अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करने से ठीक पहले कोटक इंटरनेशनल से जुड़े मॉरीशस स्थित एक फंड के माध्यम से अडानी से जुड़े शेयरों में शॉर्ट पोजीशन (शॉर्ट सेलिंग) बनाई थी। नियामक का मानना है कि रिपोर्ट के सार्वजनिक होने से पहले ही उसकी संवेदनशील विषय-सामग्री का उपयोग करके भारतीय शेयर बाजार में अडानी समूह के शेयरों के दाम गिरने पर भारी मुनाफा कमाने की योजना बनाई गई थी। सेबी इस मामले में शामिल संस्थाओं और व्यक्तियों पर कठोर कानूनी व वित्तीय शिकंजा कसने के लिए कारण बताओ नोटिस और दंडात्मक वसूली की कार्रवाई को आगे बढ़ा रहा है, ताकि बाजार की पारदर्शिता और निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके।