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बेल्जियम के प्रधानमंत्री के भारत दौरे से रणनीतिक साझेदारी

रॉकेट, ड्रोन और टैंक पुर्जों पर समझौता हुआ

रक्षा उत्पादन के लिए बड़ी उपलब्धि

कुल दस समझौतों पर हस्ताक्षर हुए

रिसर्च पर भी साथ साथ काम करेंगे

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय और बेल्जियम रक्षा कंपनियों ने गुरुवार को समुद्री सुरक्षा, 70 मिमी रॉकेट, माइन काउंटरमेज़र सिस्टम (सुरंग रोधी प्रणाली), गोला-बारूद उत्पादन लाइन, काउंटर-ड्रोन तकनीक और जोरावर लाइट टैंक के बुर्ज (टरेट) जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों को कवर करने वाले कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही दोनों देशों ने रक्षा व सैन्य सहयोग को और गहरा करने के लिए एक अंतर-सरकारी ढांचा (गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट फ्रेमवर्क) भी स्थापित किया।

इन ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर उस समय हुए, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके समानांतर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रेंकेन के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठक की।

सूत्रों के अनुसार, भारतीय और बेल्जियम रक्षा कंपनियों के बीच कुल 10 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। ये समझौते प्रौद्योगिकियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करते हैं, जिनमें गोला-बारूद, रॉकेट, स्वायत्त समुद्री प्रणाली (ऑटोनॉमस मैरीटाइम सिस्टम), माइन वॉरफेयर, हथियार, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, एयर-डिफेंस सॉफ्टवेयर और बख्तरबंद वाहन प्रणालियां शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने एक आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) पर हस्ताक्षर किए, जो दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच संरचनात्मक सहयोग के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा प्रदान करता है। इसमें प्रशिक्षण, अधिकारियों का आदान-प्रदान, अनुसंधान एवं विकास, सेमिनार, संयुक्त अभ्यास और समुद्री सुरक्षा पर सहयोग शामिल है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, रक्षा सहयोग पर, दोनों प्रधानमंत्रियों ने दोनों रक्षा मंत्रालयों के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने का स्वागत किया, जो नियमित आदान-प्रदान, स्टाफ वार्ता, शिक्षा और प्रशिक्षण, अनुसंधान सहयोग तथा रक्षा-औद्योगिक साझेदारी के लिए एक ठोस ढांचा स्थापित करता है। दोनों नेताओं ने रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाओं को स्वीकार करते हुए दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच हुए इन समझौतों की सराहना की।