तुर्किये के एक बैंक पर कड़े प्रतिबंध लगाये गये
ईरान की परोक्ष मदद करने का आरोप लगा
सैन्य लेनदेन में बिचौलिया बना है यह बैंक
बैंक ने आरोपों का पूरी तरह खंडन कर दिया
वाशिंगटनः अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान से कथित संबंधों को लेकर तुर्किये के एक बैंक और उसकी सहायक कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई तेहरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के वाशिंगटन के प्रयासों के तहत की गई है। वित्त विभाग ने शुक्रवार को गोल्डन ग्लोबल यतिरिम बैंकसी एनोनिम सिरकेती (गोल्डन ग्लोबल बैंक) पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुद्स फोर्स के लिए करोड़ों डॉलर के लेन-देन को सुगम बनाने और ईरानी सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने धन को स्थानांतरित करने के लिए बैंकिंग पहुंच प्रदान करने का आरोप लगाया।
वाशिंगटन ने आरोप लगाया कि इस बैंक की स्थापना सोना और नकदी का उपयोग करके ईरान के रहबर नेटवर्क (शैडो बैंकिंग सिस्टम) को चीन से तुर्किये तक तेल राजस्व स्थानांतरित करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से की गई थी। गोल्डन ग्लोबल बैंक ने शुक्रवार को जवाब देते हुए कहा कि उसने सभी स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग अनुपालन नियमों का पूरी तरह से पालन किया है और वह अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा। बैंक ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उनके द्वारा ऐसा कोई लेन-देन नहीं किया गया है जो अमेरिकी दावों की पुष्टि करता हो। बैंक ने आगे कहा, हम अपनी आपत्तियों और कानूनी उपायों के सभी अधिकारों का प्रभावी ढंग से उपयोग करेंगे और इन आरोपों एवं फैसले के खिलाफ जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाएंगे।
वित्त विभाग द्वारा जारी बयान में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेट ने कहा, वित्तीय संस्थानों को इस कठिन तरीके से समझना पड़ रहा है कि हम ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट को लेकर बेहद गंभीर हैं। इन प्रतिबंधों के तहत बैंक और उसकी दो सहायक कंपनियों को अमेरिकी विदेश संपत्ति नियंत्रण कार्यालय की स्पेशली डेजिग्नेटेड नेशनल्स सूची में डाल दिया गया है, जिससे अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक उनकी पहुंच पूरी तरह बंद हो गई है। बैंक ने स्पष्ट किया कि ओएफएसी फैसले में नामित व्यक्ति और संस्थाएं कभी भी गोल्डन ग्लोबल के ग्राहक नहीं रहे हैं।
तुर्किये में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने शनिवार को कहा कि तुर्की अधिकारियों द्वारा अमेरिकी उपाय को पूरे तुर्किये पर निर्णय के रूप में देखना एक भूल होगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, तुर्की वित्तीय प्रणाली का स्वास्थ्य सवालों के घेरे में नहीं है; केवल एक संस्थान का आचरण इसका कारण था।