प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर: रिहायशी इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी, गंगा रिवर फ्रंट रोड डूबी; प्रशासन ने जारी किया रेड अलर्ट
प्रयागराज (उत्तर प्रदेश): संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण बाढ़ का संकट अत्यंत गंभीर होता जा रहा है।
दोनों नदियों के उफान पर होने से अब बाढ़ का पानी कछारी और तटीय इलाकों को पार कर सीधे रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंचने लगा है। जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से संगम के अधिकांश प्रमुख पक्के व कच्चे घाट पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। जिन घाटों पर रोजाना श्रद्धालुओं और पर्यटकों की चहल-पहल रहती थी, वहां अब केवल अथाह जलराशि ही दिखाई दे रही है।
🛣️ बक्शीबांध से संगम जाने वाली रिवर फ्रंट रोड डूबी: यातायात पूरी तरह बाधित
सड़क संपर्क और आवागमन पर प्रभाव:
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रिवर फ्रंट रोड जलमग्न: बक्शीबांध से संगम को जोड़ने वाली प्रमुख गंगा रिवर फ्रंट रोड बाढ़ के पानी में पूरी तरह समा गई है।
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रास्ता बंद होने से परेशानी: सड़क पर कई फीट पानी भर जाने के कारण वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही ठप हो गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को लंबे वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
🏠 नदी किनारे के घरों में घुसा सैलाब: सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन शुरू
स्थानीय आबादी की समस्याएं और जमीनी हालात:
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घरों में पहुंचा पानी: तटीय बस्तियों के कई मकानों के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) में पानी भर गया है, जिससे रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
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सामान समेटने की जद्दोजहद: प्रभावित परिवार अपने घरेलू सामान, मवेशियों और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित स्थानों या छतों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कई लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित ऊंचे इलाकों और रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं।
🚨 प्रशासन ने जारी किया रेड अलर्ट: राहत चौकियां और राहत शिविर सक्रिय
प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था:
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रेड अलर्ट घोषित: बाढ़ के गंभीर खतरे और नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
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राहत चौकियों की स्थापना: बाढ़ संभावित इलाकों में त्वरित मदद के लिए राहत चौकियां बनाई गई हैं और विस्थापितों के रहने-खाने के लिए राहत कैंप सक्रिय कर दिए गए हैं।
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24 घंटे निगरानी: प्रशासनिक अधिकारी, राजस्व विभाग और आपदा राहत दल नदियों के प्रति घंटे बढ़ रहे जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।