दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: बसों में खिड़कियों पर पर्दे-फिल्में लगाने पर रोक, महिलाओं की सुरक्षा और ड्राइवर वेरिफिकेशन पर सख्त निर्देश
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली में संचालित होने वाली सभी बसों के लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने नए और कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिचालन नियमों का अक्षरशः पालन अनिवार्य कर दिया गया है। ये निर्देश दिल्ली में चलने वाली अन्य राज्यों की इंटर-स्टेट बसों पर भी समान रूप से लागू होंगे। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और नियमों की अनदेखी पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
🚨 व्हीकल ट्रैकिंग और पैनिक बटन अनिवार्य: हर समय चालू हालत में होना जरूरी
तकनीकी सुरक्षा उपकरण और निगरानी नियम:
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VLTD और पैनिक बटन: सभी बस ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और आपातकालीन पैनिक बटन सक्रिय व कार्यशील स्थिति में रहें।
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सुलभ पहुंच: पैनिक बटन यात्रियों की आसान पहुंच के भीतर होने चाहिए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त की जा सके।
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सुरक्षा किट: प्रत्येक बस में क्रियाशील अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) और प्राथमिक चिकित्सा किट (First Aid Kit) का होना अनिवार्य है।
🪟 खिड़कियों पर पर्दों और डार्क फिल्मों पर पूर्ण प्रतिबंध: पार्किंग के सख्त मानक
पारदर्शिता और पार्किंग संबंधी निर्देश:
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खिड़कियों की पारदर्शिता: न्यायालय के आदेशों के अनुरूप बसों की खिड़कियों पर पर्दे, काली फिल्में या किसी प्रकार की अनधिकृत सामग्री लगाने पर पूर्ण रोक रहेगी। फ्रंट विंडशील्ड, रियर ग्लास और साइड खिड़कियों की तय पारदर्शिता बनाए रखनी होगी।
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सुरक्षित पार्किंग: रात के समय या परिचालन बंद होने पर बसों को केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाली जगहों पर ही पार्क करने की अनुमति होगी।
👮 स्टाफ वेरिफिकेशन और महिला सुरक्षा: छेड़छाड़ पर सीधे पुलिस स्टेशन ले जानी होगी बस
चालक-परिचालक और कर्मचारियों के लिए आचरण नियम:
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सख्त पृष्ठभूमि सत्यापन: ऑपरेटरों को चालकों, परिचालकों और अटेंडेंट को काम पर रखने से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा।
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पहचान व दस्तावेज: चालकों और कंडक्टरों के पास वैध लाइसेंस, यूनिफॉर्म और अनिवार्य पीएसवी (PSV) बैज होना जरूरी है। ड्यूटी के दौरान शराब या किसी भी प्रकार का नशा पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
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महिला सुरक्षा प्रोटोकॉल: यदि किसी महिला यात्री के साथ बदसलूकी, फब्तियां कसने या छेड़छाड़ की घटना होती है, तो कर्मचारियों को तुरंत पुलिस को सूचित करना होगा और बस को सीधे नजदीकी थाने, पुलिस चौकी या पीसीआर वैन तक ले जाना होगा।
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दिव्यांग यात्रियों की सहायता: कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे दिव्यांगजनों को बस में चढ़ने और उतरने में हर संभव मदद मुहैया कराएं तथा बस के चलते समय सभी दरवाजे सुरक्षित बंद रखें।
📄 वैध फिटनेस और PUC सर्टिफिकेट जरूरी: तय स्टॉप पर ही रुकेंगी बसें
तकनीकी मापदंड और ट्रैफिक अनुशासन:
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फिटनेस और प्रदूषण मानक: प्रत्येक बस के पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट और अद्यतन ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट होना आवश्यक है।
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लेन अनुशासन: बस ऑपरेटरों को निर्धारित बस लेन का कड़ाई से पालन करना होगा।
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अधिकृत ठहराव: यात्रियों को केवल तय बस स्टॉप या निर्धारित बस बे में ही चढ़ाया और उतारा जा सकेगा। सड़क के बीच में या चौराहों पर बस रोकना सख्त वर्जित रहेगा। नियमों की अवहेलना पर संबंधित ऑपरेटरों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।