श्रीलंका में तमिल संघर्ष के पुराने जख्म फिर हरे हो गये
जाफना नरसंहार की याद दिला गया यह
सबूत कहते हैं सभी को मारा गया है
अब तक इनकी पहचान हीं हो पायी
कोलंबोः दक्षिण एशिया के द्वीप देश श्रीलंका से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने देश के काले इतिहास और पिछले दशकों में हुए आंतरिक संघर्षों के जख्मों को फिर से हरा कर दिया है। हाल ही में श्रीलंका के एक विशेष क्षेत्र में चलाए गए खुदाई और जांच अभियानों के दौरान एक बड़ी सामूहिक कब्र का पता चला है, जिससे कुल 582 मानव कंकाल और उनके अवशेष बरामद किए गए हैं।
फोरेंसिक विशेषज्ञों, पुरातत्वविदों और पुलिस जांचकर्ताओं की संयुक्त टीम जब इस स्थल पर वैज्ञानिक तरीके से खुदाई कर रही थी, तब उन्हें एक के बाद एक कई मानव अवशेष प्राप्त हुए। शुरुआती जांच और फोरेंसिक विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि ये कंकाल सामान्य मौत या प्राकृतिक आपदा के शिकार लोगों के नहीं हैं, बल्कि इनमें से कई कंकालों पर बेरहमी से की गई हिंसा, हथियारों के गहरे निशान, और गले में फांसी या गला घोंटने के स्पष्ट सबूत दिखाई दे रहे हैं।
यह भयानक खोज ऐसे समय में सामने आई है जब श्रीलंका का समाज दशकों पुराने गृह युद्ध और मानवाधिकारों के हनन के मामलों से जुड़े जख्मों को भरने और न्याय पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। स्थानीय मानवाधिकार संगठनों और पीड़ित परिवारों के संघों ने इस बात की मांग तेज कर दी है कि इन अवशेषों की उच्च स्तरीय और स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये पीड़ित कौन थे, इन्हें किस परिस्थिति में मौत के घाट उतारा गया और इसके पीछे कौन से जिम्मेदार लोग या सैन्य तत्व शामिल थे।
श्रीलंका के इतिहास में विभिन्न राजनीतिक और जातीय संघर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों के लापता होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं, और इस प्रकार की सामूहिक कब्रों का मिलना इस बात का प्रमाण है कि अतीत में मानवाधिकारों का किस हद तक उल्लंघन हुआ था। न्यायपालिका और जांच एजेंसियों के लिए यह एक बेहद जटिल मामला बन गया है, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर मिले कंकालों की डीएनए प्रोफाइलिंग करना और उनकी पहचान करना एक लंबी और चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होगी। इस घटना ने एक बार फिर देश में पारदर्शिता, जवाबदेही और पीड़ितों के परिवारों के लिए न्याय की मांग को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ला खड़ा किया है, जिससे देश के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई है।