नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पेलेट गन मामले में पीड़ित साहिल लोचव के समर्थन में संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में पुलिस विधिवत प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं करती, वे थाने से नहीं हटेंगे। वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस धरने को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी पूरी तरह अराजक राजनीति में लिप्त हैं और पहले से प्रक्रियाधीन मामले में बिना किसी पूर्व सूचना के धरना देकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं।
⚖️ ‘सुप्रीम कोर्ट कर रहा है जांच, क्या न्यायपालिका पर भरोसा नहीं?’: जेपी नड्डा का सवाल
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस के धरने पर सवाल उठाते हुए कहा:
-
सस्ती राजनीति का आरोप: जेपी नड्डा ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि राहुल गांधी का यह धरना छात्रों या न्याय के लिए नहीं, बल्कि मीडिया का ध्यान खींचने और राजनीतिक हताशा का परिणाम है।
-
सुप्रीम कोर्ट कमेटी का हवाला: उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई की घटना का स्वतः संज्ञान लेकर एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित की है।
-
संस्थाओं पर सवाल: नड्डा ने पूछा कि जब देश की सर्वोच्च अदालत इस पूरे प्रकरण की जांच करवा रही है, तो कैमरों के सामने बैठकर ड्रामा करने का क्या औचित्य है; क्या विपक्ष के नेता को न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है?
🚩 ‘वंदे मातरम् विवाद और शर्मिंदगी से ध्यान भटकाने के लिए रचा ड्रामा’: नड्डा
धरने की टाइमिंग पर भाजपा का राजनीतिक प्रहार:
-
राष्ट्रीय गीत का अपमान: भाजपा नेतृत्व ने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ के अपमान और कांग्रेस नेता द्वारा तिरंगे के आकार का केक काटने को लेकर देश भर में कांग्रेस की भारी किरकिरी हो रही है।
-
ध्यान भटकाने का प्रयास: नड्डा ने दावा किया कि जनता के गुस्से और राष्ट्रीय स्तर पर हो रही आलोचना से ध्यान भटकाने के लिए ही संसद मार्ग पर धरने की स्क्रिप्ट तैयार की गई है।
👁️ ‘सर्जरी के बाद भी आंख की रोशनी साफ नहीं’: पीड़ित साहिल लोचव का दर्द
पीड़ित छात्र का पक्ष और चोट का विवरण:
-
20 जुलाई की घटना: प्रदर्शन के दौरान घायल हुए साहिल लोचव ने बताया कि उन पर कथित तौर पर पेलेट गन से वार किया गया था, जिसके बाद उन्हें लेडी हार्डिंग और फिर AIIMS रेफर किया गया।
-
गंभीर चोट: साहिल के अनुसार उनकी आंख की सर्जरी की गई है, लेकिन रोशनी अभी भी सामान्य नहीं हुई है।
-
शिकायत पर कार्रवाई में देरी: पीड़ित ने कहा कि 14 अगस्त को 7 पन्नों की विस्तृत लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने समय पर एफआईआर दर्ज नहीं की।
📜 ‘FIR दर्ज कर नंबर सौंपे पुलिस’: कांग्रेस नेता जयराम रमेश की दो-टूक मांग
कांग्रेस का रुख और धरने का संकल्प:
-
सीधी मांग: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी की मांग बिल्कुल स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा पेलेट गन के गैर-कानूनी इस्तेमाल पर केस दर्ज कर परिजनों को एफआईआर नंबर सौंपा जाए।
-
धरना जारी रखने का ऐलान: उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और जब तक आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं होती, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।