जबलपुर में ‘पूत कपूत, माता न कुमाता’: सड़क पर घसीटकर पीटने वाले बेटे को बचाने थाने पहुंची बुजुर्ग मां, शिकायत से इनकार
जबलपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर से ममता और क्रूरता का एक अत्यंत भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। अशोक विहार कॉलोनी में डर से भाग रही एक लाचार बुजुर्ग महिला को उसके ही सगे बेटे ने दौड़ाकर पकड़ लिया और बीच सड़क पर घसीट-घसीटकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। घटना का यह शर्मनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कलयुगी बेटा अपनी बुजुर्ग मां को बेदर्दी से सड़क पर खींचता हुआ दिखाई दे रहा है।
💔 बेटे की क्रूरता पर भी भारी पड़ी मां की ममता, थाने पहुंचकर पुलिस से की छोड़ने की गुहार
घटना का वीडियो वायरल होने और पड़ताल के बाद जब पुलिस ने मां और आरोपी बेटे को थाने बुलवाया, तो पीड़ित मां ने अपने बेटे के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई या एफआईआर कराने से साफ इनकार कर दिया।
ममता की मिसाल पेश करते हुए पीड़ित मां मित्रा विश्वकर्मा ने कहा कि, “आज पड़ोस के लोग मेरे बेटे को जेल भिजवाना चाहते हैं ताकि वे मेरे मकान पर कब्जा कर सकें। इसलिए यह पूरी साजिश रची गई है। मैं इस बात को कतई मानने के लिए तैयार नहीं हूं कि मेरे बेटे ने मेरे साथ कोई बदतमीजी की है।”
🏘️ अशोक विहार कॉलोनी का मामला, मंदिर में मजदूरी करता है आरोपी राजू विश्वकर्मा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला अशोक विहार कॉलोनी स्थित अपने मकान में अपने दो बेटों राजू और प्रमोद के साथ निवास करती है।
वायरल वीडियो में महिला का बेटा राजू अपनी मां के साथ घसीटकर मारपीट करता हुआ स्पष्ट नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, राजू स्थानीय मंदिरों में काम करता है और वहां से मिलने वाली दैनिक मजदूरी अपनी मां के पास जमा करा देता था। इसी जमा राशि में से कुछ रुपये मां द्वारा घरेलू जरूरतों में खर्च कर दिए गए थे, जिससे आक्रोशित होकर आरोपी ने अपनी जन्मदात्री मां के साथ ऐसा अमानवीय दुर्व्यवहार किया।
📹 ‘उसने सिर्फ मेरी साड़ी पकड़ी थी’, पुलिस के समझाने पर भी नहीं मानी अनपढ़ मां
मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पुलिस टीम ने आरोपी राजू को हिरासत में लिया, तो उसके खिलाफ कोई कानूनी शिकंजा कसता उससे पहले ही मां रोते हुए पुलिस थाने पहुंच गई।
मां ने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाते हुए कहा, “मेरे बेटे को छोड़ दीजिए, उसने मेरे साथ कोई मारपीट नहीं की है।” जब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें वायरल वीडियो दिखाते हुए समझाया कि राजू स्पष्ट रूप से आपको गाली दे रहा है और घसीट रहा है, तो भोली मां ने जवाब दिया कि वह केवल साड़ी पकड़कर खींच रहा था, उसने मुझे मारा नहीं है।
👮 एएसपी आयुष जाखड़ ने की समझाने की कोशिश, वृद्धावस्था पेंशन न आना बनी विवाद की मूल वजह
जबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आयुष जाखड़ ने बताया कि, “हमने पीड़ित महिला मित्रा विश्वकर्मा को समझाने की काफी कोशिश की कि वे अपने बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएं, लेकिन वे अपने बयान पर अड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि यह उनके बीच की मामूली गलतफहमी थी और वे अपने बेटे को कोई सजा नहीं दिलाना चाहतीं।”
मामले की जांच में यह बात सामने आई कि महिला की वृद्धावस्था पेंशन पिछले 6 महीनों से नहीं आई थी, जिसके कारण उनका दैनिक खर्च चलना कठिन हो रहा था। मजबूरी में मां ने बेटे के जमा पैसों में से कुछ रुपये खर्च कर दिए थे। थोड़े से पैसों के लिए बेटा भले ही ‘कपूत’ बन गया, किंतु मां की ममता पराजित नहीं हुई और उसने अपने बेटे को सलाखों के पीछे जाने से बचा लिया।