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छतरपुर शासकीय SC छात्रावास में सनसनी: अधीक्षक आशीष शुक्ला पर 5-6 छात्रों से गलत हरकत का आरोप, CWC और पुलिस जांच में जुटी

छतरपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक छात्रावास अधीक्षक के कारनामे की शर्मनाक दास्तान शिकायत पेटी से बाहर निकलकर सामने आई है। मामले की जानकारी जैसे ही पुलिस को हुई और शिकायत पत्र को पढ़ा गया, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। शिकायत पत्र में अधीक्षक द्वारा 5 से 6 छात्रों के साथ कथित तौर पर अनैतिक व अश्लील हरकतें किए जाने का सच दर्ज था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीक्षक को तत्काल पूछताछ हेतु हिरासत में ले लिया है और उससे पुलिस थाने में सघन पूछताछ की जा रही है।

🏢 देरी रोड स्थित शासकीय SC छात्रावास का मामला, टीआई आशुतोष श्रोती ने शुरू की जांच

यह शर्मनाक घटनाक्रम छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत देरी रोड पर स्थित ‘शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर छात्रावास क्रमांक-2 एवं 3’ का है।

यहाँ पदस्थ अधीक्षक आशीष शुक्ला पर छात्रों के साथ कथित रूप से अश्लील हरकतें करने का गंभीर आरोप लगा है। सूचना प्राप्त होते ही सिविल लाइन पुलिस टीम हॉस्टल पहुंची और आरोपी अधीक्षक को अपने साथ थाने ले आई। सिविल लाइन थाना प्रभारी (TI) आशुतोष श्रोती को हॉस्टल में स्थापित शिकायत पेटी (Complaint Box) से प्राप्त लिखित पत्रों के आधार पर प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई है।

📝 कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों ने उठाई आवाज, CWC की टीम भी जांच के लिए हॉस्टल पहुंची

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस छात्रावास में कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं।

अधीक्षक के उत्पीड़न से परेशान होकर लगभग 5 से 6 पीड़ित छात्रों ने हिम्मत जुटाकर उसके कारनामों के खिलाफ शिकायत लिखकर हॉस्टल की पेटी में डाल दी थी। शिकायत की पुष्टि होते ही पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने हॉस्टल पहुंचकर छात्रों से गोपनीय जानकारी जुटाई। इसके साथ ही बाल कल्याण समिति (CWC) की टीम भी छात्रावास पहुंची है और बच्चों के बयान दर्ज कर पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।

💬 अधीक्षक ने बताया साजिश, पुलिस का कहना—बयानों के आधार पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

थाना प्रभारी आशुतोष श्रोती ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, “फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। 5 से 6 छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार करने की लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। बच्चों के आधिकारिक बयान और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल कल्याण समिति और पुलिस की संयुक्त जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। दूसरी ओर, हिरासत में लिए गए आरोपी अधीक्षक आशीष शुक्ला ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश करार दिया है।

🏛️ युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पहुंचे छात्रावास, आदिम जाति कल्याण विभाग से की नियमित निरीक्षण की मांग

घटना की सूचना मिलते ही युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष लोकेंद्र वर्मा स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ हॉस्टल पहुंचे और पीड़ित छात्रों से बातचीत की।

लोकेंद्र वर्मा ने बताया कि, “अधीक्षक के खिलाफ पिछले वर्ष से ही शिकायतें आ रही थीं, किंतु भय के कारण छात्र खुलकर सामने नहीं आ पा रहे थे। मंगलवार सुबह एक छात्र ने फोन पर अधीक्षक की करतूतों की जानकारी दी, जिसके बाद हमने तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचित किया।” उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग से जिले के सभी हॉस्टलों का नियमित निरीक्षण करने तथा अधिकारियों द्वारा समय-समय पर छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करने की पुरजोर मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।