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प्रधानमंत्री के फिर से विदेश दौरे का कार्यक्रम लगभग तय

इस बार किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान दौरे की तैयारी

एससीओ सम्मेलन  में भाग लेना है

उज्बेकिस्तान के मंत्री ने पुष्टि कर दी

व्यापार संबंध बढ़ाने की नई कवायद है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के दौरे की संभावना है। बिश्केक में उनका यह दौरा मुख्य रूप से शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय बैठकों पर केंद्रित होगा, जबकि उज्बेकिस्तान की यात्रा एक स्वतंत्र द्विपक्षीय कूटनीतिक जुड़ाव होगी। उज्बेकिस्तान की इस नियोजित यात्रा की पुष्टि देश के विदेश मंत्री बख्तियार सैदव ने की है, जो वर्तमान में नई दिल्ली में हैं। श्री सैदव ने सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने कहा, हमने प्रधानमंत्री के आगामी उज्बेकिस्तान दौरे की तैयारी करने पर सहमति जताई है… इससे द्विपक्षीय सहयोग को गहरा और मजबूत करने को गति मिलेगी।

श्री सैदव ने आगे कहा कि उज्बेकिस्तान भारत को दक्षिण एशिया में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक साझीदार मानता है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहले ही 1 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। इस दौरान रक्षा सहयोग, व्यावसायिक संबंधों, जन-संपर्क और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देश नियमित रूप से दुस्तलिक नाम से संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं। भारतीय पीएम मोदी इससे पहले तीन बार उज्बेकिस्तान का दौरा कर चुके हैं।

किर्गिस्तान में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का मुख्य केंद्रबिंदु एससीओ शिखर सम्मेलन होगा, जहां कई द्विपक्षीय बैठकें भी तय हैं। रक्षा संबंध भारत-किर्गिस्तान रिश्तों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इसके मुख्य पहलुओं में भारतीय रक्षा संस्थानों में किर्गिजी कर्मियों का प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, आदान-प्रदान कार्यक्रम और बिश्केक स्थित किर्गिज़-इंडिया माउंटेन बायो-मेडिकल रिसर्च सेंटर में सहयोगात्मक अनुसंधान शामिल हैं। भारत ने किर्गिज़ नागरिकों के लिए भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के तहत विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 100 सीटें भी आवंटित की हैं। पीएम मोदी ने आखिरी बार 2019 और उससे पहले 2015 में इस मध्य एशियाई गणराज्य का दौरा किया था।