प्रवासियों के लगातार प्रवेश की घटना से सिउटा में संकट
मोरक्को से तैरकर आ रहे हैं सभी
सेना के बाद नौसेना को भी भेजा गया
तटीय इलाके में हजारों फंसे हुए हैं
एजेंसियां
मैड्रिड: उत्तरी अफ्रीका स्थित स्पेनिश एन्क्लेव सिउटा में पिछले 24 घंटों के भीतर हुए भारी पलायन ने स्पेन सरकार को आपातकालीन कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। सीमा पार कर स्पेनिश क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश में कम से कम 18 प्रवासियों की डूबने से मौत हो गई है, जिसके बाद प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना और नौसेना की तैनाती का आदेश दिया है।
स्पेनिश गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दिन में 49,000 से अधिक लोग मोरक्को की सीमा से सिउटा में दाखिल हुए हैं। यह घटना हाल के वर्षों में सीमा सुरक्षा में सेंध की सबसे बड़ी घटनाओं में गिनी जा रही है। स्थानीय प्रशासन और राहत केंद्र इस भारी संख्या के सामने पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई प्रवासी समुद्री रास्तों से तैरकर या सुरक्षा बाड़ को पार करने की कोशिश में अपनी जान गंवा बैठे, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी तटीय इलाकों में फंसे हुए हैं।
सिउटा और मेलिला यूरोप की अफ्रीका के साथ एकमात्र जमीनी सीमाएं हैं। मोरक्को इन क्षेत्रों पर स्पेन के दावे को लंबे समय से खारिज करता रहा है और इसे अपना क्षेत्र मानता है। इस भौगोलिक स्थिति के कारण सिउटा प्रवासियों के लिए यूरोप में प्रवेश का सबसे छोटा और आकर्षक मार्ग बना हुआ है। हाल के दिनों में प्रवासियों की संख्या में अचानक आए इस उछाल के पीछे मानव तस्करों की सक्रियता और स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। कोर्ट के उस फैसले ने, जिसमें समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को तुरंत वापस भेजने पर रोक लगाई गई थी, कथित तौर पर तस्करों को लोगों को उकसाने का मौका दिया।
इस संकट ने स्पेन और मोरक्को के बीच के कूटनीतिक तनाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। यूरोपीय संघ ने भी स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। इटली सहित कई यूरोपीय देशों ने बाहरी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर असाधारण उपायों की वकालत की है। फिलहाल, स्पेन सरकार सीमा पर नियंत्रण बहाल करने और मोरक्को के साथ कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस संकट के समाधान की कोशिश कर रही है।