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गौमूत्र विशेषज्ञ क्या परीक्षा सुधार कर पायेगा

प्रियंका के बयान पर भड़क गये भाजपा के अनुराग ठाकुर

प्रोफेसर कामाकोटी पर दिया था यह बयान

सदन में इस उल्लेख पर लोग हंस पड़े थे

ठाकुर ने उन्हें प्रसिद्ध वैज्ञानिक करार दिया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की परीक्षा प्रणालियों में व्यापक सुधार के सुझाव देने के लिए गठित उच्च स्तरीय टास्क फोर्स मंगलवार को संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखे राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई। इस विवाद की मुख्य वजह कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा समिति के एक सदस्य, आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामाकोटी की योग्यता पर उठाए गए सवाल और उनके लिए इस्तेमाल की गई शब्दावली रही। प्रियंका गांधी ने प्रोफेसर कामाकोटी को कथित तौर पर गोमूत्र विशेषज्ञ कहकर संबोधित किया, जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई।

संसद में जारी चर्चा के दौरान, देश में हाल ही में हुई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दों पर बोलते हुए प्रियंका गांधी ने नवनिठित टास्क फोर्स की संरचना पर कटाक्ष किया। उन्होंने समिति के सदस्यों की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए कहा, सरकार ने परीक्षा सुधार के लिए जो नई समिति बनाई है, उसकी विश्वसनीयता क्या है? इस समिति में एक पूर्व आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) चीफ हैं, एक आईटी कंपनी के मालिक हैं और एक गोमूत्र विशेषज्ञ हैं। उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या ऐसे लोग देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर तकनीकी और शैक्षणिक सुधारों को लागू करने में सक्षम हैं।

प्रियंका गांधी की इस टिप्पणी पर सरकार की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बेहद आक्रामक और तीखा पलटवार किया। उन्होंने संसद के पटल पर कांग्रेस नेता की शब्दावली की कड़ी निंदा की और इसे भारत के वैज्ञानिक समुदाय का अपमान बताया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि वह एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ की गई टिप्पणियों से अत्यंत दुखी और आहत हैं, जो भारत के सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों में से एक है। उन्होंने प्रियंका गांधी पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि वह एक मासूम चेहरा बनाकर संसद को गुमराह करने और अपनी पार्टी की पिछली सरकारों के दौरान हुए कथित घोटालों व गलत कामों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही हैं।

प्रोफेसर वी. कामाकोटी का पुरजोर बचाव करते हुए अनुराग ठाकुर ने सदन के सामने उनकी शैक्षणिक और पेशेवर उपलब्धियों का ब्यौरा रखा। उन्होंने कामाकोटी को भारत के महान वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों में से एक वर्णित किया। ठाकुर ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रोफेसर कामाकोटी न केवल आईआईटी मद्रास जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के निदेशक हैं, बल्कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में सरकार को सलाह देने वाली एडवाइजरी इंटेलिजेंस टास्क फोर्स के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे उच्च पदस्थ और सम्मानित वैज्ञानिक के लिए गोमूत्र विशेषज्ञ जैसे शब्दों का प्रयोग करना उनकी छोटी मानसिकता और वैज्ञानिकों के प्रति अनादर को दर्शाता है, जो पूरी तरह से अवांछनीय है। इस नोकझोंक के कारण सदन में काफी देर तक हंगामा चलता रहा।