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घरवालों ने 44 करोड़ रुपये की फिरौती अदा की

माली में अपहृत भारतीय मूल के हीरा व्यापारी लौटा

हिंसा प्रभावित माली में अगवा हुआ था

अमेरिका से घरवालों ने बातचीत की

रकम अदा करने के बाद छोड़ा गया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पश्चिम अफ्रीकी देश माली में अपहृत किए गए 75 वर्षीय भारतीय मूल के एक बुजुर्ग हीरा व्यापारी को अंततः रिहा कर दिया गया है। उनकी सुरक्षित रिहाई के बदले उनके परिवार को कथित तौर पर 4 मिलियन यूरो (लगभग 44 करोड़ भारतीय रुपये) की भारी-भरकम फिरौती रकम चुकानी पड़ी है।

मुक्त कराए गए व्यापारी की पहचान धीरू रमानी के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक, रमानी का अपहरण इस साल अप्रैल महीने में उस समय किया गया था जब वह माली में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से माली में ही रह रहे थे, जहाँ उन्होंने हाल ही में एक सोने की खदान खरीदी थी। संभवतः इसी व्यावसायिक गतिविधि के कारण वह अपहरणकर्ताओं के निशाने पर आ गए।

रमानी का परिवार वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका में निवास करता है। अपहरण के बाद, किडनैपर्स ने शुरू में रमानी की रिहाई के बदले लगभग 100 करोड़ रुपये की अत्यधिक मोटी रकम की मांग की थी। हालांकि, अमेरिका में रह रहे उनके परिवार ने धैर्यपूर्वक अपहरणकर्ताओं के साथ बातचीत का सिलसिला शुरू किया। लंबी बातचीत और सौदेबाजी के बाद, परिवार फिरौती की रकम को काफी हद तक कम कराने में सफल रहा।

सहमत हुई राशि के अनुसार, पिछले सप्ताह ही 4 मिलियन यूरो (करीब 44 करोड़ रुपये) का भुगतान किया गया, जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने रमानी को मुक्त कर दिया। यद्यपि उनकी रिहाई हो गई है, लेकिन अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि रमानी वर्तमान में माली में ही हैं या अपने परिवार के पास अमेरिका लौट चुके हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पश्चिम अफ्रीका में काम कर रहे विदेशी नागरिकों और व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहाँ हाल के वर्षों में आतंकवादी समूहों और आपराधिक गिरोहों द्वारा अपहरण की घटनाएं बढ़ी हैं।