वेस्ट बैंक में अवैध विस्तार की कड़ी निंदा
वेस्ट बैंकः संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अधिकृत वेस्ट बैंक में बस्तियों के निर्माण को गति देने की इजरायली योजनाओं की सख्त शब्दों में निंदा की है। एक आधिकारिक बयान में गुटेरेस ने स्पष्ट किया कि फलस्तीनी क्षेत्र में इजरायली बस्तियों की कोई कानूनी वैधता नहीं है और वे अंतरराष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन हैं। उनकी यह कड़ी प्रतिक्रिया वेस्ट बैंक में लगातार बढ़ती हिंसा और मौजूदा अवैध चौकियों को वैध बनाने तथा नई बस्तियाँ स्थापित करने की इजरायली योजनाओं के बीच आई है। गुटेरेस ने कहा कि यह बस्तियाँ दो-राष्ट्र समाधान और इजरायलियों व फलस्तीनियों के बीच एक न्यायसंगत, स्थायी और व्यापक शांति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।
महासचिव का यह बयान हाल के महीनों में इजरायली बस्ती नीति को लेकर संयुक्त राष्ट्र और उसकी सहयोगी एजेंसियों द्वारा दी गई बार-बार की चेतावनियों को और पुख्ता करता है। इन संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और मानवाधिकार कानूनों के तहत नागरिकों की सुरक्षा और दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
इससे पहले शुक्रवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि उनकी सरकार अधिकृत वेस्ट बैंक में कृषि चौकियों के वैधीकरण और नई चौकियों की स्थापना में तेजी लाएगी।
अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पूर्वी यरूशलेम सहित वेस्ट बैंक में बनी सभी इजरायली बस्तियाँ पूरी तरह से अवैध हैं। इस स्थिति को 2024 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के उस सलाहकार आदेश में भी दोहराया गया था, जिसने फलस्तीनी क्षेत्र पर इजरायल के निरंतर कब्जे को गैर-कानूनी करार दिया था। वहीं, आउटपोस्ट ऐसी छोटी बस्तियाँ होती हैं जिन्हें आमतौर पर बिना सरकारी मंजूरी के स्थापित किया जाता है, इसलिए ये इजरायली कानून के तहत भी अवैध मानी जाती हैं।
गुरुवार के बाद से अधिकृत वेस्ट बैंक में भड़की हिंसा में कम से कम आठ फलस्तीनी (जिनमें एक बच्चा भी शामिल है) और दो इजराइली मारे गए हैं। इजरायली बलों की सुरक्षा में इजरायली बसने वालों (सेट्लर्स) ने फलस्तीनी नागरिक बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक स्थलों और कृषि संरचनाओं को आग लगा दी या उन्हें नुकसान पहुँचाया, जिसके कारण कम से कम 10 फलस्तीनी परिवारों को विस्थापित होना पड़ा है। शनिवार तक के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक इजरायली बलों या बसने वालों द्वारा 18 बच्चों सहित 77 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि इसी अवधि के दौरान फलस्तीनियों द्वारा तीन इजरायली मारे गए हैं।