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अब भविष्य में चुनाव नहीं लड़ूंगाः सिद्धारमैया

राजनीति में भ्रष्टाचार और बढ़ती उम्र का हवाला दिया

अब राजनीति बहुत बदल गयी है

अब सेहत भी पहले जैसी नहीं रही

जनता के लिए काम करते रहेंगे

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने चुनावी राजनीति से अपने संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे 2028 का आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, क्योंकि उनके अनुसार मौजूदा राजनीतिक क्षेत्र अत्यधिक भ्रष्ट और दूषित हो चुका है। हालाँकि, वरुणा विधानसभा क्षेत्र से विधायक सिद्धारमैया ने यह भी कहा कि वे सक्रिय राजनीति में बने रहेंगे और जनता के सुख-दुख तथा उनकी समस्याओं की आवाज उठाते रहेंगे। एक निजी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, वरुणा निर्वाचन क्षेत्र की जनता मुझ पर एक बार फिर चुनाव लड़ने का दबाव बना रही है। लेकिन मैंने यह दृढ़ निर्णय लिया है कि अब से मैं किसी भी प्रकार का चुनाव नहीं लड़ूँगा।

अतीत के दिनों को याद करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, पहले जब मैं चुनाव लड़ता था, तो निर्वाचन क्षेत्र के लोग खुद हमें पैसे देते थे और हमारी जीत सुनिश्चित करते थे। लेकिन आज के दौर में वैसी परिस्थितियाँ और मूल्य अब नहीं रहे। इसके साथ ही उन्होंने चुनावी राजनीति छोड़ने के अपने फैसले के पीछे बढ़ती उम्र और गिरते स्वास्थ्य को भी प्रमुख कारण बताया।

उन्होंने आगे कहा, मैं अब 79 वर्ष का हो चुका हूँ। हमारी सरकार के कार्यकाल में अभी लगभग डेढ़ साल का समय बाकी है। तब तक मेरी उम्र 81 से 82 वर्ष के करीब हो जाएगी। अब मेरा स्वास्थ्य पहले जैसा मजबूत और दुरुस्त नहीं रहा है। पहले वाले जोश और उत्साह के साथ काम कर पाना अब संभव नहीं है। वर्ष 2028 तक मेरी आयु 82 वर्ष हो जाएगी, जो कि मेरे राजनीतिक जीवन के 50 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक होगा।

सिद्धारमैया ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों के खिलाफ काम नहीं किया और न ही अपनी अंतरात्मा से विश्वासघात किया है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आज के दौर में वोटों को पैसे के दम पर खरीदा जाने लगा है।