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जर्मनी से एक दर्जन पनडुब्बियां खरीदेगा कनाडा

बदलते वैश्विक परिदृश्य में कनाडा का नया फैसला

एजेंसियां

टोरंटोः कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सोमवार को घोषणा की कि उनके देश ने जर्मन शिपबिल्डर टीकेएमएस को 12 पनडुब्बियों के निर्माण के लिए कई अरब यूरो का ठेका दिया है। तुर्किए में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर यह जर्मनी के लिए एक बड़ी कूटनीतिक और व्यावसायिक जीत मानी जा रही है। अंकारा में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले कार्नी ने इस निर्णय की घोषणा की, जहां वैश्विक नेता गठबंधन की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

इस सौदे के लिए जर्मनी का मुकाबला दक्षिण कोरियाई कंपनी हनव्हा ओशन से था। रूस की ओर से बढ़ते खतरों, विशेष रूप से आर्कटिक और अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा को देखते हुए जर्मनी इस कनाडाई अनुबंध को हासिल करने के लिए पूरा जोर लगा रहा था। इस समझौते के तहत, टीकेएमएस कनाडा को 12 टाइप 212सीडी पनडुब्बियों की आपूर्ति करेगा। यह मॉडल सतह के ऊपर और नीचे दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बी-रोधी हेलीकॉप्टरों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है।

प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा कि यह खरीद कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी रक्षा खरीद होगी और टीकेएमएस का यह प्लेटफॉर्म आर्कटिक जलक्षेत्र व नाटो के लिए सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा, यह पनडुब्बी जांची-परखी और बेहद सक्षम है। साथ ही उन्होंने रेखांकित किया कि नाटो के एक-तिहाई से अधिक सदस्य देशों को टीकेएमएस ही पनडुब्बियों की आपूर्ति करता है। कार्नी ने टीकेएमएस को पसंदीदा आपूर्तिकर्ता घोषित करते हुए कहा कि अंतिम अनुबंध पर बातचीत जल्द शुरू होगी। हालांकि, उन्होंने सटीक कीमत का खुलासा करने से इनकार कर दिया। थिसनक्रुप (टीकेएमएस की मूल कंपनी) ने कहा कि ये पनडुब्बियां आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) को मजबूत करेंगी क्योंकि कई नाटो सहयोगी देश पहले से ही इसके पारंपरिक रूप से संचालित जहाजों का उपयोग कर रहे हैं।

कनाडा ने वर्षों तक नाटो के लक्ष्यों से पीछे रहने के बाद अब अपने सैन्य खर्च में भारी बढ़ोतरी का संकल्प लिया है। इस वर्ष नाटो के पिछले 2 फीसद खर्च के लक्ष्य को हासिल करने के बाद, कार्नी ने 2035 तक रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद के 5 फीसद तक बढ़ाने का वादा किया है। उन्होंने बताया कि कनाडा की राजकोषीय योजना के तहत 2030 तक रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद के 4 फीसद तक पहुंचा दिया जाएगा, जो नाटो की समय सीमा से काफी आगे है।

कार्नी के अनुसार, जर्मनी और नॉर्वे (जिन्होंने संयुक्त रूप से इन पनडुब्बियों को डिजाइन किया है) डिलीवरी में तेजी लाने के लिए अपने प्रोडक्शन स्लॉट खाली करेंगे। इससे कनाडा को 2034 तक चार पनडुब्बियां मिल सकेंगी, जो कि टीकेएमएस के सार्वजनिक अनुमान से दो साल पहले है। यह नया बेड़ा कनाडा की चार पुरानी हो चुकी विक्टोरिया-क्लास पनडुब्बियों की जगह लेगा, जिन्हें 1990 के दशक के उत्तरार्ध में यूनाइटेड किंगडम से सेकेंड हैंड खरीदा गया था।