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Rajkot News: डिमोलिशन ड्राइव में चाय-नाश्ते का 3 करोड़ का बिल, राजकोट नगर निगम में मचा बवाल; SIT जांच शुरू

गुजरात के राजकोट नगर निगम (RMC) का एक डिमोलिशन ड्राइव अब भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गया है। जंगलेश्वर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर चलाए गए इस अभियान में बेतहाशा खर्च की पोल तब खुली, जब नाश्ते, पानी और टेंट के लिए 3 करोड़ रुपये से अधिक का बिल पेश किया गया। इस अत्यधिक महंगे बिल को देखकर प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

🍽️ 27 लाख रुपये का सिर्फ नाश्ता-पानी

नगर निगम को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, इस ड्राइव के दौरान केवल रिफ्रेशमेंट (चाय-नाश्ता) पर 27.2 लाख रुपये फूंक दिए गए। बिल में 21,310 कप चाय और 13,390 स्पेशल लंच प्लेट का जिक्र है। साथ ही काजू कतली, जलेबी और खजूर रोल जैसी महंगी मिठाइयों का भारी-भरकम बिल भी शामिल है। तर्क दिया गया है कि यह खाना वहां तैनात 4,800 कर्मचारियों और मीडिया कर्मियों के लिए था, लेकिन इतनी बड़ी संख्या पर सवाल उठ रहे हैं।

💧 पानी और टेंट के नाम पर भी धांधली

सिर्फ नाश्ता ही नहीं, पीने के पानी और टेंट के नाम पर भी करोड़ों रुपये की हेराफेरी सामने आई है। निगम ने 12.4 लाख रुपये सिर्फ मिनरल वॉटर के लिए खर्च किए। जांच में यह भी सामने आया है कि 3 रुपये की पानी की बोतल के लिए नगर निगम ने 8 रुपये का भुगतान किया। वहीं, अस्थायी टेंट और शेल्टर के नाम पर भी करीब 10 लाख रुपये का दावा किया गया है।

🔍 SIT जांच और बकाया भुगतान पर रोक

इस पूरे मामले को लेकर राजकोट की स्टैंडिंग कमेटी ने सख्त रुख अपनाते हुए डिमोलिशन ड्राइव से जुड़े सभी बकाया भुगतान पर रोक लगा दी है। मामले की गहराई से जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। समिति यह पता लगा रही है कि क्या भुगतान प्रक्रिया में वित्तीय नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं और किन अधिकारियों की मिलीभगत से यह ‘महंगा अभियान’ संचालित किया गया।