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प्रधानमंत्री मोदी ने नया कॉरिडोर का भी लोकार्पण किया

गुजरात के वडोदरा में पश्चिमी भारत की परियोजनाओं की सौगात

कई रेल खंडों का विस्तार शामिल

राष्ट्रीय राजमार्गों की बेहतरी होगी

मध्यप्रदेश से संपर्क जोड़ने का काम

राष्ट्रीय खबर

अहमदाबादः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का अनावरण और राष्ट्र को समर्पण किया। इन परियोजनाओं में रेलवे, सड़क, आवास, जलापूर्ति और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के प्रमुख हिस्सों का पूरा होना रहा, जिसे आधिकारिक तौर पर देश को समर्पित किया गया।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने न्यू साणंद (उत्तर), न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगाँव और मुंबई स्थित न्यू जेएनपीटी से मालगाड़ी सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। माल ढुलाई सेवाओं को गति देने के साथ-साथ यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के लिए वडोदरा और टांडा रोड के बीच एक नई यात्री ट्रेन सेवा का शुभारंभ भी किया गया। इसके अलावा, छोटा उदयपुर-धार परियोजना के तहत विकसित की गई जोबट-टांडा रोड रेलवे लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया गया। यह रेल लाइन मध्य प्रदेश और गुजरात के सीमावर्ती जनजातीय तथा सुदूरवर्ती क्षेत्रों (विशेष रूप से अलीराजपुर) को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस अवसर पर कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से गुजरात के कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामानों और अन्य वस्तुओं का परिवहन बेहद तेज, सुगम और किफायती हो जाएगा। उन्होंने वडोदरा के बुनियादी ढांचे के महत्व को रेखांकित करते हुए यहाँ स्थित गति शक्ति विश्वविद्यालय और सी -295 सैन्य परिवहन विमान के निर्माण संयंत्र का भी उल्लेख किया।

रेल ढांचे को और मजबूत करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 329 किलोमीटर लंबी तीन नई रेल परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें वडोदरा-रतलाम खंड: तीसरी और चौथी रेलवे लाइन का निर्माण, मियागाम कर्जन-चोरंडा-मालसर खंड: आमान परिवर्तन (गेज कन्वर्जन), विश्वामित्री-डभोई खंड: पटरियों का दोहरीकरण (डबलिंग) शामिल हैं। इन रेल परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य यात्री एवं माल ढुलाई की क्षमता को बढ़ाना, रेल मार्गों पर भीड़भाड़ कम करना और गुजरात तथा मध्य प्रदेश के बीच संपर्क को मजबूत करना है।

इसके साथ ही लगभग 1,780 करोड़ रुपये की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी लोकार्पण व शिलान्यास किया गया। इनमें एनएच -48 के कामरेज-चलथान खंड को छह-लेन बनाना, एनएच-48 के वडोदरा-सुरत खंड पर तापी और नर्मदा नदियों पर बड़े पुलों सहित अतिरिक्त संरचनाओं का निर्माण, और एनएच -53 पर आभावा, मिंधोला व खजोध जंक्शनों पर ग्रेड-सेपरेटेड संरचनाओं का विकास शामिल है।