क्या इंडिया गठबंधन की तरफ जा रहे हैं वह
एमएमडीआर को लेकर हंगामा जारी है
प्रश्नकाल के प्रारंभ में ही विपक्ष हावी
तीन सवाल पूछे, जो कांग्रेस के हैं
प्रसन्न महांति
भुवनेश्वरः ओडिशा विधानसभा में एमएमडीआर संशोधन कानून को लेकर हंगामा लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के महज 4 मिनट के अंदर ही स्थगित करनी पड़ी। सुबह 10.30 बजे प्रश्नकाल शुरू होते ही बीजद और कांग्रेस के विधायक वेल में आ गए। डिप्टी स्पीकर भवानी शंकर भोई के बार-बार आग्रह के बावजूद विपक्ष नारेबाजी करता रहा।
आखिरकार 10.34 बजे सदन को 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। लगातार चार दिन से विधानसभा अपना तय कामकाज नहीं कर पा रही है। सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक का अंदाज इस बार पहले से ज्यादा आक्रामक दिखा।
उन्होंने मांग की कि – मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें और एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पर दोबारा विचार हो। नवीन ने कहा कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार सीईसी के फैसलों पर आपत्ति जताई है, जो आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। बीजद का आरोप है कि SIR में ओडिशा में 25 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं।
दूसरी तरफ एमएमडीआर संशोधन एक्ट 2026 को लेकर नवीन ने सीधे बीजेपी सांसदों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, बीस भाजपा सांसदों ने ओडिशा से चुनकर जाने के बावजूद संसद में इस बिल का समर्थन किया, जो राज्य के साथ धोखा है। बीजद का कहना है कि इस कानून से ओडिशा को एक लाख करोड़ से ज्यादा के राजस्व का नुकसान होगा।
नवीन पटनायक के इन बयानों को महज विधानसभा की राजनीति नहीं माना जा रहा। सीईसी के इस्तीफे, एसआईआर पर पुनर्विचार और एमएमडीआर वापसी – ये तीनों मुद्दे इस समय इंडिया गठबंधन के मुख्य एजेंडे में हैं।
24 साल तक सत्ता में रहने के दौरान नवीन ने हमेशा केंद्र से समान दूरी बनाए रखी, लेकिन 2024 में लोकसभा में 21 में से 0 सीट आने के बाद बीजद की रणनीति बदली हुई दिख रही है। विधानसभा में कांग्रेस के साथ मिलकर वेल में उतरना और बाहर एजी स्क्वायर पर मिलकर प्रदर्शन करना – यह तस्वीर साफ संकेत दे रही है कि पटनायक अब राष्ट्रीय विपक्ष के करीब जा रहे हैं।