Child Labour Rescue Dumka: बासुकीनाथ में श्रम विभाग की बड़ी कार्रवाई; 3 बाल श्रमिकों को कराया मुक्त, दुकानदारों को दी चेतावनी
दुमका: बाल मजदूरी की कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से दुमका के श्रम अधीक्षक सूरज कुमार हांसदा के नेतृत्व में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान बासुकीनाथ मेला क्षेत्र के विभिन्न होटलों, नाश्ता दुकानों और प्रतिष्ठानों में छापेमारी कर 14 वर्ष से कम आयु के 3 बाल श्रमिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
⚖️ कानून का उल्लंघन करने पर होगी सख्त सजा
श्रम अधीक्षक सूरज कुमार हांसदा ने सभी दुकानदारों, होटल और धर्मशाला संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल मजदूरी एक गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रतिष्ठान में बाल श्रमिक पाए जाते हैं, तो संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून के तहत ऐसे मामलों में 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना और छह महीने तक की कारावास की सजा हो सकती है। यदि कोई संचालक दोबारा इस अपराध में लिप्त पाया जाता है, तो सजा का प्रावधान और भी कठोर हो जाता है।
🏫 बच्चों का भविष्य है शिक्षा
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने समाज को संदेश दिया कि बच्चों का स्थान कारखानों या होटलों में नहीं, बल्कि विद्यालय में है। उन्होंने आम लोगों और नियोक्ताओं से अपील की कि वे बच्चों को शिक्षा से जोड़ें, क्योंकि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। श्रम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बासुकीनाथ सहित पूरे जिले में बाल मजदूरी रोकथाम के लिए यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।