Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ... खान-खनिज संशोधन बिल के खिलाफ रांची में राजद-वाम दलों का साझा मोर्चा: आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली घेराव...

मिट्टी धंसने से दो की मौत, एक घायल

त्रिपुरा के खोवाई जिला में अचानक हुआ बड़ा हादसा

राष्ट्रीय खबर

अगरतलाः त्रिपुरा के खोवाई जिले के तेलियामुरा उप-मंडल अंतर्गत कुंजामुरा मुस्लिम बस्ती क्षेत्र में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। निर्माण कार्य के लिए मिट्टी खोदने के दौरान मिट्टी का एक बड़ा टीला अचानक भरभरा कर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर तीन लोग दब गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दो युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है।

मृतकों की पहचान 20 वर्षीय जेम्स जमातिया और 30 वर्षीय आशा हरि जमातिया के रूप में की गई है। वहीं, गंभीर रूप से घायल हुए 30 वर्षीय अमूल्य धन जमातिया, जो पिक-अप ट्रक चालक थे, को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुंजामुरा के ये तीनों निवासी कृष्णपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चकमाघाट मुस्लिम बस्ती इलाके में अपने घर के निर्माण कार्य के लिए मिट्टी लेने गए थे। वहां खुदाई का काम चल ही रहा था कि अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और तीनों लोग मलबे के नीचे दब गए। यह घटना इतनी अचानक हुई कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने जब उनकी चीखें सुनीं, तो वे तुरंत बचाव के लिए दौड़े। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के आने का इंतजार किए बिना ही अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया। उन्होंने मलबे से अमूल्य धन जमातिया को जीवित बाहर निकाला, जिनके पैर में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें तुरंत तेलियामुरा उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए अगरतला स्थित जीबीपी अस्पताल लाया गया। दुर्भाग्यवश, जेम्स और आशा हरि को बचाया नहीं जा सका।

सूचना मिलते ही अग्निशमन सेवा, टीएसआर और आपदा प्रबंधन टीम घटनास्थल पर पहुंची और व्यापक बचाव अभियान चलाया। हालांकि, इस दौरान स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश भी देखने को मिला। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आपदा प्रबंधन टीम घटना के करीब एक घंटे देरी से पहुंची और उनका कार्य संतोषजनक नहीं था। यदि बचाव दल समय पर पहुंचता, तो शायद पीड़ितों को और बेहतर सहायता मिल पाती।

इस दुखद घटना के बाद, तेलियामुरा के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट अपूर्व कृष्ण चक्रवर्ती ने तेलियामुरा उप-मंडल अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। यह घटना मिट्टी खनन के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों की कमी की ओर भी गंभीर इशारा करती है। प्रशासन अब मामले की जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।