तीन घंटे की बैठक में नहीं निकला समाधान
राष्ट्रीय खबर
तिरुअनंतपुरमः केरल के लिए मुख्यमंत्री चुनने की कांग्रेस की कोशिशें शनिवार को भी किसी नतीजे पर नहीं पहुँच सकीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पद के तीन मुख्य दावेदारों—एआईसीसी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और वी.डी. सतीशन—तथा प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ के साथ तीन घंटे से अधिक समय तक परामर्श किया, लेकिन गतिरोध बना रहा।
इस बैठक में ए आई सी सी पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक भी उपस्थित थे। चर्चा सामूहिक और व्यक्तिगत, दोनों स्तरों पर की गई। बैठक के बाद केरल की प्रभारी महासचिव दीपा दासमुंशी ने मीडिया को बताया, हाईकमान द्वारा उचित समय पर सही निर्णय लिया जाएगा।
अधिक स्पष्ट जानकारी मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि हाईकमान के पास उम्मीदवार तय करने के लिए 23 मई तक का समय है। केरल के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ मौजूद दासमुंशी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मुख्यमंत्री पद के चयन को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी पसंद का प्रदर्शन न करें, जिससे पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। नेताओं ने भी व्यक्तिगत रूप से कार्यकर्ताओं से सार्वजनिक स्थानों पर लगे अपने समर्थन वाले बोर्ड, बैनर और पोस्टर हटाने का आग्रह किया।
सूत्रों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण बैठक में दावेदारों द्वारा अपनी-अपनी दावेदारी को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया। बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व अब इन दावेदारों के साथ और चर्चा नहीं करेगा। हाईकमान प्रत्येक गुट के दावों, नवनिर्वाचित विधायकों की राय और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के सहयोगी दलों के विचारों पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला लेगा।
बैठक में राहुल गांधी भी शामिल हुए ताकि आम सहमति बनाई जा सके। वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि श्री खड़गे और श्री गांधी पिछले कुछ दिनों से केरल में चल रहे पोस्टर वॉर और सार्वजनिक मार्चों से काफी नाखुश थे, क्योंकि यह अक्सर अन्य नेताओं के प्रति अनादर जैसा प्रतीत होता है। अपील के बाद कई हिस्सों से विवादास्पद बोर्ड हटा दिए गए, हालांकि कुछ नए बोर्ड भी दिखाई दिए। इससे पहले, खड़गे ने राज्य नेतृत्व को अनुशासन तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
दावेदारों में के.सी. वेणुगोपाल अधिकांश विधायकों के समर्थन का हवाला दे रहे हैं, जबकि वी.डी. सतीशन केरल में पार्टी की शानदार जीत में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को आधार बना रहे हैं। वहीं, रमेश चेन्निथला अपनी वरिष्ठता के आधार पर मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा पेश कर रहे हैं।