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Chandranath Rath Murder Case: हमलावरों की बाइक के रजिस्ट्रेशन पर बड़ा खुलासा; जांच में आया नया मोड़, पुलिस के हाथ लगा अहम सुराग

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल को लेकर जांच में नया खुलासा हुआ है. जिस बाइक का इस्तेमाल हमलावरों ने किया, उसका रजिस्ट्रेशन पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल दक्षिण में बर्नपुर इलाके के पते पर दर्ज बताया गया है. बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर- WB44D1990 है. ये पश्चिम बर्धमान आरटीओ में दर्ज है. इसके मालिक का नाम विभाष कुमार भट्टाचार्य है. बाइक का रजिस्ट्रेशन 4 मई 2012 को हुआ. इसकी वैलिडिटी 2 मई 2027 तक है.

जांच ये बात सामने आई है कि इसका एड्रेस क्वार्टर नंबर- AB 7/12, गुरुद्वारा रोड बर्नपुर हीरापुर, बर्धमान है. हालांकि गुरुवार को जब मीडिया और स्थानीय लोग इस पते पर पहुंचे तो पता चला कि वहां विभाष भट्टाचार्य नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है. मौजूदा समय में उस क्वार्टर में बर्नपुर इस्को कारखाने के कर्मचारी धरमवीर कुमार रहते हैं, जो साल 2014 से यहां रह रहे हैं.

मैं विभाष नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानता

धरमवीर कुमार ने बताया कि वह विभाष भट्टाचार्य नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानते. साथ ही जिस बाइक का नंबर सामने आया है, वह बाइक भी वहां मौजूद नहीं मिली. धरमवीर की अपनी मोटरसाइकिल का नंबर और मॉडल अलग है. इस घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुद्वारा रोड स्थित एबी टाइप क्वार्टर के निवासी भी हैरान हैं. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों द्वारा इस्तेमाल बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर फर्जी हो सकता है.

चश्मदीद सुशांत सरकार ने क्या-क्या कहा?

वहीं, इस वारदात के चश्मदीद सुशांत सरकार ने बताया, मैं रात 10 से 10:20 बजे के बीच छोटे कुत्तों को खाना खिला रहा था. उसी समय किसी ने चिल्लाकर कहा, उसने गोली चलाई. मैंने पूछा, किसे गोली मारी? उसने कहा, देखो, उसने गोली चलाई है, वह कार में पड़ा है. मैंने मौके पर जाकर देखा तो वो (चंद्रनाथ) कार में औंधे मुंह पड़े थे.

उन्होंने बताया, स्कॉर्पियो की सुरक्षा में और चार पहिया वाहन तैनात था. स्कॉर्पियो का शीशा टूटा हुआ था. उस पर गोली के निशान थे. किसी ने दरवाजा खोला. गाड़ी खून से लथपथ थी. गाड़ी के अंदर से किसी ने कहा, सर, आपको गोली लगी है. जब मैंने दरवाजा खोला तो दोनों जीवित थे. वो कुछ कहने की कोशिश कर रहे थे. मैंने उनसे कहा कि उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाएं. मैंने पुलिस को फोन किया.